

The hundred Auction 2026: इंग्लैंड की मशहूर सौ गेंद वाली प्रतियोगिता द हंड्रेड के 2026 सत्र के लिए पहली बार बड़े नीलामी आयोजन का आयोजन किया गया है। इस नीलामी में दुनिया भर के कई खिलाड़ी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 11 मार्च को महिला खिलाड़ियों के लिए नीलामी हुई थी, जबकि 12 मार्च को पुरुष खिलाड़ियों पर बोली लगाई गई। इस दौरान अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों पर टीमों ने खुलकर धन खर्च किया और कई बड़े नामों को अच्छी कीमत मिली।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट नीलामी में बिकने वाले पहले खिलाड़ी बने। उन्हें वेल्श फायर टीम ने 2.40 लाख पाउंड में अपने साथ जोड़ा। इसी टीम ने इंग्लैंड के विकेटरक्षक बल्लेबाज जॉर्डन कॉक्स पर भी बड़ी बोली लगाई और उन्हें 3 लाख पाउंड में शामिल किया। कॉक्स के लिए सदर्न ब्रेव टीम ने 2.5 लाख पाउंड तक बोली लगाई थी, लेकिन आखिर में वेल्श फायर ने उन्हें अपने दल में शामिल कर लिया। इसके अलावा लंदन स्पिरिट ने इंग्लैंड के बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो को 1.60 लाख पाउंड में खरीदा। वहीं मैनचेस्टर ओरिजिनल्स ने अनुभवी बल्लेबाज जेम्स विंस को 1.90 लाख पाउंड में अपने साथ जोड़ा।
इस नीलामी में पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ को किसी भी दल ने नहीं खरीदा। उनका आधार मूल्य एक लाख पाउंड था, लेकिन इसके बावजूद उन पर कोई बोली नहीं लगी। इसी तरह पाकिस्तान के हरफनमौला खिलाड़ी शादाब खान भी नीलामी में बिना खरीदार के रह गए। हालांकि पाकिस्तान के एक खिलाड़ी को दल मिल गया। बर्मिंघम फीनिक्स ने स्पिन गेंदबाज उस्मान तारिक को 1.40 लाख पाउंड में शामिल किया। इस तरह वह इस नीलामी में बिकने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए। बताया जा रहा है कि इस बार कुल 14 पाकिस्तानी खिलाड़ी नीलामी सूची का हिस्सा हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम और अनापत्ति प्रमाण पत्र से जुड़ी औपचारिकताओं के कारण टीमों में उन्हें लेकर थोड़ी अनिश्चितता बनी हुई है।
द हंड्रेड प्रतियोगिता का आयोजन इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड द्वारा किया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में इस प्रतियोगिता ने क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बना ली है। इसी वजह से इस बार पारंपरिक चयन प्रणाली की जगह नीलामी प्रणाली अपनाई गई है।
इस सत्र में पुरुष दलों के लिए 20.5 लाख पाउंड की कुल वेतन सीमा तय की गई है। दलों को नीलामी से पहले अधिकतम चार खिलाड़ियों को अपने साथ बनाए रखने की अनुमति दी गई थी। नीलामी के बाद हर दल को 14 से 16 खिलाड़ियों का समूह तैयार करना होगा। इसके बाद प्रतियोगिता शुरू होने से पहले विशेष चयन प्रक्रिया के जरिए दो और खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा।