सूर्या की कामयाबी के पीछे का कारण हैं देविशा, कप्तान ने बताया कैसे उनकी पत्नी ने बदल दी जिंदगी

Suryakumar Yadav Interview: टी20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया कि पत्नी देविशा शेट्टी की एक छोटी सी बातचीत ने 8 साल पहले उनकी सोच बदल दी और करियर को नई दिशा दी।
Suryakumar Yadav Statement on his Wife
सूर्यकुमार यादव और उनकी पत्नी आईसीसी ट्रॉफी के साथ (फोटो- सोशल मीडिया)
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Suryakumar Yadav Statement on his Wife: टी20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी सफलता के पीछे पत्नी देविशा शेट्टी के योगदान को बेहद खास बताया है। उन्होंने खुलासा किया कि एक साधारण सी बातचीत ने उनके करियर की दिशा ही बदल दी। सूर्यकुमार यादव के अनुसार, साल 2018 में उनकी पत्नी ने उनसे एक सीधा सवाल पूछा था कि अगर भारत के लिए खेलना है, तो उसकी क्या योजना है? इसी सवाल ने उन्हें अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर बना दिया।

सूर्यकुमार यादव ने कहा कि "हमारी शादी 2016 में हुई थी जब मैं केकेआर के लिए खेल रहा था। सब कुछ बहुत सहजता से आगे बढ़ रहा था। मैं अच्छा खेल रहा था, खेल का आनंद ले रहा था। जब मैं 2018 में मुंबई इंडियंस में शामिल हुआ तो वह तब तक के मेरे सफर और दिनचर्या को देखती रही। मुझे लगता है कि इसके बाद हमने चीजों को थोड़ा अलग तरीके से करना शुरू कर दिया था। उसने (सूर्यकुमार की पत्नी) मुझसे कहा कि आपके साथ आयु वर्ग में खेलने वाले सभी खिलाड़ी अब भारत के लिए खेल रहे हैं। आपके मन में क्या है? मैंने कहा, 'मुझे भी भारत के लिए खेलना है।' उसने पूछा, 'कैसे खेलोगे?"

लक्ष्य के लिए बदलनी पड़ी जिंदगी

इस बातचीत के बाद सूर्यकुमार और देविशा ने अपने जीवन में बड़ा बदलाव किया। उन्होंने अपनी दिनचर्या को पूरी तरह अनुशासित बनाया और लक्ष्य पर फोकस करने के लिए कई चीजों में कटौती की। उन्होंने बताया- "वह संक्षिप्त सी बातचीत थी। वह किसी तरह की बहस नहीं बल्कि संक्षिप्त चर्चा थी। लेकिन निश्चित तौर पर यह इस बारे में चर्चा थी कि आप अपने लक्ष्य की ओर एक कदम आगे कैसे बढ़ा सकते हैं। अगर मैं भारत के लिए खेलना चाहता हूं और भारत को जीत दिलाना चाहता हूं, तो मैं यह कैसे कर सकता हूं?हमें कई चीजों में कटौती करनी पड़ी। इनमें खान-पान से लेकर सप्ताहांत में दोस्तों से मिलना, शनिवार-रविवार को आराम, सोमवार से शुक्रवार तक के कार्यक्रम शामिल थे। हमने इस तरह से शुरुआत की और 2018 में आईपीएल में मेरा प्रदर्शन (512 रन) बहुत अच्छा रहा। मैंने घरेलू क्रिकेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया।"

मेहनत का मिला बड़ा फल

इन बदलावों का असर जल्द ही दिखने लगा और सूर्यकुमार का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया, जिसने उन्हें भारतीय टीम तक पहुंचाया। सूर्या ने बताया कि "कई बार ऐसा करना मुश्किल भी रहा लेकिन कुल मिलाकर यह अच्छा रहा। अगर आज मैं इस मुकाम पर खड़ा हूं तो इसमें उन बातचीत का बहुत बड़ा योगदान रहा है।"

क्रिकेट के साथ जीवन संतुलन की सीख

देविशा ने उन्हें सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित तरीके से जीना भी सिखाया। सूर्या ने कहा- "मैं उसे इसका पूरा श्रेय देता हूं क्योंकि उसने मुझे सिर्फ क्रिकेट में मेरे करियर को लेकर सलाह ही नहीं दी, बल्कि जीवन से जुड़ी कई बातें बताईं। मुझे क्या करना चाहिए? किसी खास परिस्थिति से कैसे निपटना चाहिए? मुझे खुद को कैसे पेश करना चाहिए?"

घर में ‘सूर्या’, मैदान पर स्टार

सूर्यकुमार ने बताया कि घर पर वह एक सामान्य इंसान की तरह रहते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी सीख है। उन्होंने कहा- "उसने मुझसे कहा कि क्रिकेट को घर के अंदर लेकर मत आना। यह सब महत्वपूर्ण बातें थी जो मैंने सीखी। आपको अपनी उपलब्धियों के बावजूद विनम्र और जमीन से जुड़े रहना चाहिए। घर पर आप सूर्यकुमार यादव नहीं हैं इसलिए सहज व्यवहार करें। खाना खाने के बाद प्लेट को बर्तन धोने वाले स्थान पर रख दें। यह छोटी-छोटी बातें आपके जीवन में बहुत महत्व रखती हैं।"

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