Sunil Gavaskar ने डेविड मिलर का किया समर्थन, बताया- क्यों आखिरी गेंद पर लिया था यह फैसला

Sunil Gavaskar: भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने आईपीएल 2026 में डेविड मिलर के आखिरी ओवर के फैसले का समर्थन किया और बताया कि उनकी मंशा में कोई कमी नहीं थी।
Sunil Gavaskar on David Miller
सुनील गावस्कर (फोटो-सोशल मीडिया)
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Sunil Gavaskar on David Miller: आईपीएल 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में गुजरात टाइटंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला गया मैच आखिरी गेंद तक सांसें थाम देने वाला रहा। इस मैच में दिल्ली के स्टार बल्लेबाज डेविड मिलर के एक फैसले ने सबका ध्यान खींचा, लेकिन भारत के पूर्व कप्तान व महान खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने उनका खुलकर बचाव किया।

211 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम ने शानदार वापसी की और मुकाबले को अंतिम ओवर तक खींच लिया। आखिरी दो गेंदों पर टीम को जीत के लिए सिर्फ 2 रन चाहिए थे। ऐसे दबाव भरे क्षण में मिलर ने पांचवीं गेंद पर सिंगल लेने से इनकार कर दिया। उनका मानना था कि वे आखिरी गेंद पर बड़ा शॉट लगाकर टीम को जीत दिला सकते हैं। हालांकि, प्रसिद्ध कृष्णा की धीमी बाउंसर को वह सही तरीके से खेल नहीं पाए। इसके बाद आखिरी गेंद पर रन लेने की कोशिश में कुलदीप रन आउट हो गए, जो जोस बटलर के सटीक थ्रो का नतीजा था।

Sunil Gavaskar ने डेविड मिलर का बचाव किया

मैच के बाद गावस्कर ने ‘जियो हॉटस्टार’ पर बातचीत के दौरान कहा कि डेविड मिलर की नीयत पर सवाल उठाना गलत होगा। उन्होंने कहा कि मिलर बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे थे और उन्हें खुद पर भरोसा था कि वे टीम को जीत दिला सकते हैं। ऐसे हाई-प्रेशर मौकों पर खिलाड़ी अक्सर अपने आप पर भरोसा करते हैं और कभी-कभी नतीजे उनके पक्ष में नहीं जाते।

Sunil Gavaskar ने 1986 के एक मुकाबले का जिक्र किया

सुनील गावस्कर ने इस स्थिति की तुलना 1986 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए ऐतिहासिक ऑस्ट्रेलिया और भारत के टाई मैच से भी की थी। उस मैच में रवि शास्त्री ने सही समय पर सिंगल लेकर स्कोर बराबर किया था, जिससे भारत मैच में बना रहा। गावस्कर के अनुसार, ऐसे मौकों पर मैच की स्थिति को समझना और उसी के अनुसार फैसला लेना बेहद महत्वपूर्ण होता है।

केविन पीटरसन ने राशिद खान की जमकर तारीफ की

वहीं, इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने राशिद खान की जमकर तारीफ की। राशिद ने गुजरात के लिए चार ओवर में महज 17 रन देकर तीन अहम विकेट झटके और दिल्ली की बल्लेबाजी पर दबाव बनाए रखा। हालांकि पीटरसन ने यह भी माना कि एक इकाई के रूप में गुजरात की गेंदबाजी और बेहतर हो सकती थी।

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