संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह (फोटो-सोशल मीडिया)
Sanju Samson and Jasprit Bumrah: ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुने गए संजू सैमसन इस जीत को किसी सपने जैसा मान रहे हैं। सैमसन ने भावुक होते हुए कहा कि 2024 विश्व कप में मौका न मिल पाने और न्यूजीलैंड सीरीज के बाद उनके सपने पूरी तरह टूट चुके थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
उन्होंने खुलासा किया कि पिछले कुछ महीनों से वे महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के लगातार संपर्क में थे। सचिन के साथ हुई लंबी बातचीत और उनके मार्गदर्शन ने सैमसन को वह आत्मविश्वास दिया, जिसकी उन्हें इस बड़े मंच पर सख्त जरूरत थी। सैमसन ने इस जीत को अपनी बहादुरी और दृढ़ संकल्प का शानदार परिणाम बताया है।
‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने अपनी गेंदबाजी का राज खोलते हुए कहा कि फाइनल में उन्होंने अपनी गति के बजाय वर्षों के अनुभव का इस्तेमाल किया। उन्होंने माना कि सपाट पिच (फ्लैट विकेट) पर बहुत तेज गेंदबाजी करना बल्लेबाजों के लिए शॉट खेलना आसान बना देता है, इसलिए उन्होंने अपनी गति में मिश्रण किया और चतुराई से धीमी गेंदों का उपयोग किया।
बुमराह ने बताया कि इस टूर्नामेंट में उन्होंने ‘अति-प्रयास’ करने के बजाय खेल को खुद के पास आने दिया, जो उनके लिए बेहद कारगर साबित हुआ। अपने घरेलू मैदान पर विश्व कप फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनना उनके लिए अब तक का सबसे विशेष क्षण है।
बुमराह ने पूरी गेंदबाजी इकाई की सराहना करते हुए कहा कि दबाव के पलों में टीम कभी घबराई नहीं। आपसी बातचीत में स्पष्टता और शांत दिमाग से लिए गए निर्णयों ने ही भारत को विश्व विजेता बनाया। खिलाड़ियों का मानना है कि मैदान पर हर किसी ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई, जिसका सुखद परिणाम ट्रॉफी के रूप में सामने आया। यह जीत भारतीय क्रिकेट टीम की एकता, अनुशासन और मानसिक मजबूती को दर्शाती है।
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दोनों खिलाड़ियों का कहना है कि वे इस सफलता का आनंद लेंगे और आने वाले समय के लिए अपनी अगली चुनौतियों का निर्धारण करेंगे। संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बना रहेगा।