उम्र में फर्जीवाड़ा पड़ा भारी, भारत अंडर-19 के रोहित यादव पर 2 साल का बैन; 64 खिलाड़ियों पर भी कार्रवाई

Rohit Yadav Ban: उम्र में गड़बड़ी के चलते BCCI ने भारत U-19 के स्पिनर रोहित यादव पर 2 साल का बैन लगाया। CAB की जांच के बाद 64 अन्य खिलाड़ियों पर भी गाज गिरी है।
Age fraud proves costly: India U-19's Rohit Yadav handed a 2-year ban
रोहित यादव पर BCCI का बैन (सोर्स - सोशल मीडिया)
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BCCI Puts Ban On Rohit Yadav For Age Fraud: भारतीय क्रिकेट में उम्र से जुड़े फर्जीवाड़े के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भारत अंडर-19 टीम के लेग स्पिनर रोहित यादव पर उम्र में गड़बड़ी के मामले में 2 साल का प्रतिबंध लगा दिया है। ये प्रतिबंध तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।

रोहित यादव हाल ही में जुलाई में भारत अंडर-19 टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर गए थे। अब वह सितंबर के आखिर में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ होने वाली सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं होंगे।

27 महीने की उम्र में मिली गड़बड़ी

रोहित यादव बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल की ओर से खिलाड़ियों के दस्तावेजों की जांच के दौरान उनकी उम्र में गड़बड़ी सामने आई। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, रोहित यादव की उम्र में करीब 27 महीने का अंतर पाया गया। इसके बाद उनकी जानकारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और सभी संबंधित राज्य क्रिकेट इकाइयों को भेजी गई।

64 और खिलाड़ियों पर कार्रवाई

सीएबी ने उम्र में इसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने के बाद 64 अन्य खिलाड़ियों पर भी कार्रवाई की है। इस सूची में भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे तेज गेंदबाज रवि कुमार का नाम भी शामिल है।

रवि कुमार 2022 में भारत की खिताब जीतने वाली अंडर-19 विश्व कप टीम का हिस्सा थे। उसी साल उन्होंने बंगाल की सीनियर टीम के लिए भी पदार्पण किया था। उन्होंने अपना आखिरी मुकाबला 2023 में खेला था। रवि कुमार की उम्र में कथित तौर पर 40 महीने तक का अंतर पाया गया है। कार्रवाई के तहत उनके पदार्पण से लेकर 2025-26 सत्र तक के सभी रिकॉर्ड अमान्य माने गए हैं।

BCCI पहले भी कर चुका है सख्ती

उम्र में फर्जीवाड़े के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पहले भी कई कदम उठा चुका है। 2020 में बोर्ड ने खिलाड़ियों के लिए माफी योजना भी शुरू की थी।

इस योजना के तहत खिलाड़ी खुद अपनी उम्र से जुड़ी गड़बड़ी की जानकारी दे सकते थे और निलंबन से बच सकते थे। हालांकि, अगर कोई खिलाड़ी जानकारी नहीं देता और बाद में उम्र में गड़बड़ी पकड़ी जाती, तो उस पर प्रतिबंध लगाया जा सकता था।

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अब दस्तावेजों की जांच होगी और सख्त

उम्र की जांच की प्रक्रिया को भी पहले से ज्यादा सख्त किया गया है। अंडर-19 खिलाड़ियों को जन्म प्रमाण पत्र के साथ ज्यादा से ज्यादा शैक्षणिक दस्तावेज जमा करने होते हैं। ताजा कार्रवाई से साफ है कि भारतीय क्रिकेट में उम्र से जुड़ी गलत जानकारी देने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

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