RCB के लिए नहीं खेलना चाहते थे रजत पाटीदार, कहा- धोखा मिलने के बाद...

आईपीएल 2025 में आरसीबी के कप्तान बने रजत पाटीदार ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा आरसीबी ने 2022 में नीलामी के दौरान शामिल करने का फैसला किया था, लेकिन उन्होंने मुझे नजरअंदाज कर दिया था।
RCB के लिए नहीं खेलना चाहते थे रजत पाटीदार, कहा- धोखा मिलने के बाद...
रजत पाटीदार (फोटो-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

बेंगलुरु: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल 2025 में नए कप्तान को नियुक्त किया। इस बार रजत पाटीदार को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई। कप्तानी मिलेन के बाद रजत पाटीदार ने एक ऐसा खुलासा किया जिससे हड़कंप मच गया। उन्होंने बताया कि आरसीबी ने 2022 में उन्हें वादा करके नीलामी में शामिल नहीं किया था, जिसक बाद वो बहुत दुखी और गुस्से में थे।

रजत पाटीदार को 2022 में लवनीथ सिसोदिया की जगह टीम में शामिल किया गया था। उन्हें आरसीबी के द्वारा नीलामी से पहले आश्वासन दिया गया था कि उन्हें टीम में शामिल किया जाएगा, लेकिन फ्रेंचाइजी ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया था। जिसके बाद रजत पाटीदार काफी गुस्से में दुखी भी थे। पाटीदार इस सत्र में आरसीबी के मध्यक्रम के मुख्य खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उन्होंने 11 मैचों में 239 रन बनाए हैं।

रजत पाटीदार को आरसीबी ने नीलामी में किया था नजरअंदाज

पाटीदार ने ‘आरसीबी पॉडकास्ट' पर कहा कि मुझे (आईपीएल 2022 के लिए मेगा नीलामी से पहले) एक संदेश मिला था कि आप तैयार रहें... हम आपको चुनेंगे। मुझे थोड़ी उम्मीद थी कि मुझे एक और मौका मिलेगा (आरसीबी के लिए खेलने का)। लेकिन मुझे मेगा नीलामी में नजरअंदाज किया गया। मैं इससे थोड़ा दुखी था। मध्यप्रदेश के इस 31 साल के बल्लेबाज को हालांकि अपने राज्य के ही एक खिलाड़ी के चोटिल होने के बाद आरसीबी में वापसी करने का मौका मिल गया। पाटीदार हालांकि बेंगलुरु वापस आने के लिए उत्सुक नहीं थे, क्योंकि उन्हें पता था कि बड़े खिलाड़ियों से भरी टीम में खेलने का मौका शायद ही मिले।

लवनीथ सिसोदिया की जगह मिला मौका

उन्होंने कहा कि मैंने (नीलामी में नहीं चुने जाने के बाद) इंदौर में अपने स्थानीय मैचों में खेलना शुरू कर दिया था। मुझे फिर फोन आया कि ‘हम आपको लवनीथ सिसोदिया की जगह चुन रहे हैं'। पाटीदार ने कहा कि मैं सच कहूं तो किसी खिलाड़ी के विकल्प के रूप में नहीं आना चाहता था क्योंकि मुझे लग रहा था कि मुझे वहां खेलने का मौका नहीं मिलेगा। मुझे हमेशा लगता है कि मैं वहां(डगआउट में) नहीं बैठना चाहता।

पाटीदार ने कहा कि मैं थोड़े समय के लिए नाराज था लेकिन फिर सामान्य हो गया था। पाटीदार ने कहा कि कोहली जैसे महान खिलाड़ी से कप्तान की जिम्मेदारी मिलने के बाद वह दबाव महसूस कर रहे थे लेकिन इस स्टार बल्लेबाज की हौसला बढ़ाने वाले शब्दों ने उन्हें आत्मविश्वास से भर दिया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com