पियर्स मॉर्गन ने एलिस्टर कुक से मांगी माफी, 11 साल पहले 'अपमानजनक' शब्द का किया था इस्तेमाल

Alastair Cook Criticism 2014: पत्रकार पियर्स मॉर्गन ने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक से माफी मांगी। 11 साल पहले उन्होंने कुक को 'छछूंदर' कहा था। मॉर्गन ने अपने पुराने बयान के लिए खेद जताया।
पियर्स मॉर्गन ने एलिस्टर कुक से मांगी माफी, 11 साल पहले 'अपमानजनक' शब्द का किया था इस्तेमाल
एलिस्टर कुक (फोटो- सोशल मीडिया)
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Alastair Cook and Piers Morgan Controversy: पत्रकार और लेखक पियर्स मॉर्गन ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक से माफी मांगी है। करीब 11 साल पहले मॉर्गन ने कुक को लेकर विवादित टिप्पणी की थी और उन्हें 'छछूंदर' कहा था। अब मॉर्गन ने उस पुराने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से खेद जताया है और कुक से माफी मांगी है। इस कदम को कई मीडिया रिपोर्ट्स में सराहा गया है। मॉर्गन ने कहा कि वह उस समय की भाषा और व्यवहार के लिए शर्मिंदा हैं और भविष्य में इस तरह की टिप्पणी नहीं करेंगे।

हाल ही में एलिस्टर कुक और पियर्स मॉर्गन 'द ओवरलैप क्रिकेट शो' के एक एपिसोड में साथ नजर आए थे। उनके साथ आने से इस बात का अंदाजा लगाया गया कि कुक और मॉर्गन के बीच पुराना विवाद समाप्त हो चुका है।

11 साल पहले हुआ था विवाद

11 साल पहले (एशेज सीरीज) केविन पीटरसन को उनके प्रदर्शन के आधार पर इंग्लैंड क्रिकेट टीम से ड्रॉप किया गया था। इस निर्णय के लिए मॉर्गन कुक को जिम्मेदार मानते थे और उनकी कड़ी आलोचना की थी। इसी कड़ी में उन्होंने कुक के लिए 'छछूंदर' शब्द भी कहा था। मॉर्गन ने अपने उस शब्द के लिए कुक से माफी मांग ली।

मैं व्यक्तिगत रूप से आपके खिलाफ था- पियर्स मॉर्गन

मॉर्गन ने कहा कुक से माफी मांगते हुए कहा कि "मुझे स्वीकार करना होगा कि मैं व्यक्तिगत रूप से आपके खिलाफ था। जब मैं आपके बारे में अपने कुछ ट्वीट्स पर गौर करता हूं, तो मुझे पता है कि आप सोशल मीडिया पर नहीं हैं, लेकिन मैंने कुछ ज्यादा ही कर दिया था। इसलिए, मैं इस अवसर का लाभ उठाऊंगा। मुझे अपने शब्द के लिए खेद है।"

इसके आगे पियर्स मॉर्गन ने कहा कि "मैं और एलिस्टेयर बिना मिले ही अलग हो गए क्योंकि मुझे अब भी लगता है कि केविन पीटरसन के साथ इस पूरे मामले को बहुत ही खराब तरीके से संभाला गया था। मुझे केविन पीटरसन को बल्लेबाजी करते देखना बहुत अच्छा लगता था। मेरे हिसाब से वह सबसे महान और मनोरंजक बल्लेबाज थे।"

अंत में उन्होंने कहा कि "पीटरसन बिलकुल फिट थे, सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे, फिर भी उन्हें बलि का बकरा बना दिया गया और फिर कभी इंग्लैंड के लिए मौका नहीं दिया गया। मुझे लगता है कि 33 साल के बाद उन्होंने फिर कभी नहीं खेला, फिर भी मुझे लगता है कि इस मामले को बेहतर तरीके से संभाला जाना चाहिए था।"

एजेंसी इनपुट के साथ

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