

Pakistan T20 World Cup 2026 Controversy: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले एक बार फिर क्रिकेट की राजनीति सुर्खयों में है। बांग्लादेश के टूर्नामेंट से हटने के बाद आईसीसी ने स्कॉटलैंड को उसकी जगह शामिल किया है। इसी बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी के बयान ने पूरे मामले को और ज्यादा गर्मा दिया है। नकवी ने पाकिस्तान की उपलब्धता को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिससे आईसीसी और क्रिकेट फैंस के बीच हलचल तेज हो गई है।
दरअसल, भारत में भारी विरोध के बाद बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से बाहर कर दिया गया था। इस फैसले से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड नाराज हो गया। इसके बाद बीसीबी ने भारत में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने से इनकार कर दिया। आईसीसी ने बांग्लादेश को समझाने की कोशिश की और भारत में ही खेलने का प्रस्ताव दिया, लेकिन बांग्लादेश ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसके बाद आईसीसी ने तुरंत कदम उठाते हुए स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया।
बांग्लादेश के बाहर होते ही पाकिस्तान ने भी अपने सुर बदल लिए। 24 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने कहा कि अगर पाकिस्तान सरकार यह तय करती है कि टीम को वर्ल्ड कप नहीं खेलना है, तो आईसीसी 22वीं टीम को शामिल कर सकती है। नकवी ने साफ किया कि यह फैसला पूरी तरह पाकिस्तान सरकार के हाथ में है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के विदेश दौरे से लौटने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पाकिस्तान टीम टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगी या नहीं।
हालांकि, मौजूदा शेड्यूल के मुताबिक पाकिस्तान अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेलेगा। पाकिस्तान टीम अपने अभियान की शुरुआत 7 फरवरी को नीदरलैंड के खिलाफ करेगी। इसके बाद 10 फरवरी को उसका सामना यूएसए से होगा। सबसे ज्यादा चर्चा 15 फरवरी को होने वाले भारत बनाम पाकिस्तान महामुकाबले की है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी। वहीं, पाकिस्तान अपना आखिरी ग्रुप मैच 18 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ खेलेगा।
पाकिस्तान और बांग्लादेश के इस रवैये से आईसीसी के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। लगातार बदलते बयानों और राजनीतिक दबावों के कारण टूर्नामेंट की तैयारियों पर असर पड़ सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान सरकार क्या फैसला लेती है और क्या टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले यह विवाद थमता है या और बढ़ता है।