

Tilak Varma Century: लगातार चार हार के बाद जीत की पटरी पर लौटते हुए मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने कहा कि उन्हें हमेशा तिलक वर्मा की प्रतिभा पर भरोसा था और अब समय आ गया था कि वह अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करें। उन्होंने यह बात गुजरात टाइटंस के खिलाफ 99 रन की जीत के बाद कही।
तिलक वर्मा ने इस मुकाबले में 45 गेंदों पर नाबाद 101 रन की शानदार पारी खेली। हालांकि शुरुआत में वह धीमे थे और 22 गेंदों में सिर्फ 19 रन बना पाए थे। दूसरे स्ट्रेटेजिक टाइम-आउट के दौरान कप्तान पांड्या ने उन्हें कुछ सख्त शब्दों में समझाया, जिसके बाद तिलक ने आक्रामक अंदाज अपनाया और मैच का रुख बदल दिया।
इसके बाद उन्होंने अगली 23 गेंदों में 82 रन ठोक दिए, जिससे मुंबई का स्कोर 20 ओवर में 199/5 पहुंच गया, जबकि टीम ने पावरप्ले में ही तीन विकेट गंवा दिए थे। इस पारी के साथ तिलक ने एक खास उपलब्धि भी हासिल की और अब वह मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ियों में संयुक्त रूप से पहले स्थान पर पहुंच गए हैं।
मैच के बाद हार्दिक पांड्या ने कहा कि उनका संदेश साफ था तिलक को अपनी प्रतिभा पर भरोसा रखते हुए सिर्फ गेंद को देखना और खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पारी तिलक, टीम और पूरे मुंबई इंडियंस के लिए बेहद जरूरी थी। यह जीत मुंबई की अहमदाबाद में पहली जीत भी रही। पांड्या ने इसे टीम के लिए टर्निंग पॉइंट बताया और कहा कि यह मुकाबला उनकी टीम को सही दिशा में आगे बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
उन्होंने आलोचकों को भी जवाब दिया, जो बुमराह को शुरुआती ओवर में गेंदबाजी न देने के फैसले पर सवाल उठा रहे थे। पांड्या ने कहा कि बुमराह जैसे खास गेंदबाज को सही समय पर इस्तेमाल करना टीम की रणनीति का हिस्सा है।
वहीं, तिलक वर्मा ने अपने पहले आईपीएल शतक को खास बताते हुए कहा कि वह पिच पर समय बिताना चाहते थे, क्योंकि पिछले कुछ मैचों में उन्हें ज्यादा मौका नहीं मिला था। उन्होंने शुरुआत में संयम रखा और बाद में अपनी क्षमता के अनुसार आक्रामक खेल दिखाया।
दूसरी ओर, शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटन्स टीम निराश नजर आई। गिल ने खासतौर पर आखिरी छह ओवरों का जिक्र किया, जिसमें उनकी टीम ने 95 रन खर्च कर दिए और यहीं से मैच हाथ से निकल गया।