केएल राहुल ने संन्यास को लेकर किया बड़ा खुलासा, बोले– क्रिकेट के अलावा भी है जीवन; सही वक्त आने पर लूंगा फैसला

KL Rahul: केएल राहुल ने संन्यास पर कहा कि उन्होंने इस बारे में सोचा है, लेकिन अभी समय बाकी है। सही वक्त आने पर वह बिना देर किए फैसला लेंगे। वो अपने आपको अत्यधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं मानते हैं।
KL Rahul Admits Retirement Thoughts
केएल राहुल (फोटो-सोशल मीडिया)
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KL Rahul Admits Retirement Thoughts: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल ने संन्यास को लेकर खुलकर अपनी सोच साझा की है। राहुल ने स्वीकार किया है कि उनके मन में संन्यास लेने का विचार आया है, लेकिन उनका मानना है कि अभी इसमें “कुछ समय बाकी है” और जब सही समय आएगा तो वह इस फैसले में देर नहीं करेंगे। केएल राहुल अब रणजी ट्रॉफी में खेलते दिखेंगे। मोहाली में पंजाब के खिलाफ होने वाले रणजी ट्रॉफी मुकाबले में कर्नाटक की ओर से खेलते नजर आएंगे।

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन से उनके यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान 33 वर्षीय राहुल ने कहा कि संन्यास लेना उनके लिए कोई कठिन फैसला नहीं होगा क्योंकि क्रिकेट के अलावा भी जीवन है। उन्होंने कहा, “मैंने इसके बारे में सोचा है। मुझे नहीं लगता कि यह फैसला बहुत मुश्किल होगा। अगर आप खुद के प्रति ईमानदार हैं तो जब समय आए, तब इसे टालने का कोई मतलब नहीं होता। निश्चित तौर पर इसमें अभी कुछ समय लगेगा।”

केएल राहुल खुद को अत्यधिक महत्वपूर्ण नहीं मानते

भारत की टेस्ट और वनडे टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल राहुल ने कहा कि वह खुद को सुपरस्टार या अत्यधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं मानते, जिससे भविष्य में संन्यास का फैसला उनके लिए आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा, “बस चुपचाप खेल छोड़ दो। जो कुछ तुम्हारे पास है, उसका आनंद लो। तुम्हारा परिवार है, इसलिए वही करो जो तुम्हें खुशी देता है। मैं खुद को यही समझाता हूं कि मैं बहुत महत्वपूर्ण नहीं हूं।”

राहुल का मानना है कि क्रिकेट उनके बिना भी चलता रहेगा। उन्होंने कहा, “हमारे देश में क्रिकेट चलता रहेगा, दुनिया भर में चलता रहेगा। जीवन में और भी महत्वपूर्ण चीजें हैं। यह सोच मेरी हमेशा से रही है, लेकिन पिता बनने के बाद जीवन को देखने का मेरा नजरिया पूरी तरह बदल गया है।”

केएल राहुल का करियर

केएल राहुल ने अब तक 67 टेस्ट मैचों में 35.8 के औसत से 4,053 रन, 94 वनडे मैचों में 50.9 के औसत से 3,360 रन और 72 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 37.75 के औसत व 139 के स्ट्राइक रेट से 2,265 रन बनाए हैं। इस स्टाइलिश बल्लेबाज ने चोटों से जूझने के दौर को अपने करियर की सबसे कठिन लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि बार-बार चोटिल होना शारीरिक से ज्यादा मानसिक चुनौती बन जाता है।

राहुल ने कहा, “यह वो दर्द नहीं है जिसे फिजियो या सर्जन ठीक कर देते हैं। यह मानसिक द्वंद्व होता है, जहां मन हार मानने लगता है। जब यह बार-बार होता है तो मन कहता है कि तुमने बहुत कुछ हासिल कर लिया है।”

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