दिल्ली की सड़कों से 100 टेस्ट मैचों तक, जानिए आज 38वां जन्मदिन मनाने वाले इशांत शर्मा का शानदार सफर

Ishant Sharma Birthday: भारतीय तेज गेंदबाज इशांत शर्मा के 38वें जन्मदिन पर जानिए दिल्ली की गलियों से 100 टेस्ट मैच खेलने तक का उनका प्रेरणादायक क्रिकेट सफर और साथ ही निजी जीवन की पूरी कहानी।
From the streets of Delhi to 100 Test matches: The magnificent journey of Ishant Sharma
इशांत शर्मा (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Ishant Sharma's Life Story And Career: आज जब भारतीय तेज गेंदबाजी के धुरंधर इशांत शर्मा अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं तो दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक उस योद्धा को सम्मान दे रहे हैं जिसने भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी और लंबे समय तक खेलने की कला को नई परिभाषा दी।

टीम के साथी उन्हें प्यार से 'लंबू' बुलाते हैं। इशांत की कहानी अटूट हिम्मत, जबरदस्त मेहनत और एक जोशीले युवा टैलेंट से भारत के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजी अटैक के अनुभवी खिलाड़ी बनने तक के सफर की कहानी है।

इशांत शर्मा का शुरुआती जीवन

2 सितंबर 1988 को दिल्ली में जन्मे इशांत शर्मा का लंबा-चौड़ा कद बचपन से ही साफ दिखता था। एक मिडिल-क्लास परिवार में पले-बढ़े इशांत को क्रिकेट का ऐसा जुनून चढ़ा कि वो उसी में रम गए। 6 फीट 4 इंच की उनकी स्वाभाविक लंबाई ने स्थानीय कोचों का ध्यान खींचा, जिन्होंने महसूस किया कि उनमें क्षेत्रों की धीमी पिचों से भी तेज उछाल निकालने की क्षमता है।

इशांत ने 10वीं कक्षा के बाद रेगुलर स्कूल छोड़ दिया ताकि वे पूरी तरह से खेल पर ध्यान दे सकें। उन्होंने अपने मेंटर श्रवण कुमार की देखरेख में दिल्ली के बेहद प्रतिस्पर्धी क्लब और रणजी ट्रॉफी सर्किट में कड़ी मेहनत की।

भारतीय क्रिकेट का सफर

इशांत ने 2007 में भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया लेकिन उनके करियर का सबसे अहम पल जनवरी 2008 में पर्थ के वाका मैदान पर आया। जबरदस्त सीम बॉलिंग के एक यादगार स्पेल में 19 साल के इशांत ने ऑस्ट्रेलिया के महान कप्तान रिकी पोंटिंग को अपनी शानदार गेंदबाजी से परेशान किया। उन्होंने कई ओवरों तक पोंटिंग को फंसाए रखा और आखिरकार उनसे एक गलत शॉट लगवा ही दिया। उस एक स्पेल ने क्रिकेट की दुनिया में उनका नाम हमेशा के लिए दर्ज कर दिया।

हालांकि, टखने की बार-बार होने वाली चोटों और व्हाइट-बॉल क्रिकेट के बदलते तौर-तरीकों के कारण उनके करियर के बीच के दौर में फॅार्म में गिरावट आई लेकिन 2018 के बाद इशांत ने टेस्ट क्रिकेट में खुद को पूरी तरह से नए अंदाज में ढाला। विराट कोहली की कप्तानी में उन्होंने अपनी कलाई की पोजिशन में बदलाव किया ताकि गेंद दाएं हाथ के बल्लेबाजों के अंदर की ओर आए।

इस बदलाव ने उन्हें दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए एक बुरा सपना बना दिया। 2014 में लॉर्ड्स में उनका ऐतिहासिक 7-विकेट हॉल भारत की सबसे बड़ी विदेशी जीतों में से एक बना हुआ है। 2021 में इशांत ने एक ऐसा मुकाम हासिल किया जो बहुत कम तेज गेंदबाज ही कर पाए हैं जो की है भारत के लिए अपना 100वां टेस्ट मैच खेलना।

Ishant Sharma, born in Delhi on September 2, 1988
इशांत शर्मा (सोर्स - सोशल मीडिया)

पहली नजर का प्यार

मैदान के बाहर, इशांत को प्रतिमा सिंह के रूप में अपना सही जीवनसाथी मिला जो खुद भी एक बेहतरीन एथलीट हैं। प्रतिमा भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम की पूर्व कप्तान और भारतीय बास्केटबॉल की मशहूर 'सिंह सिस्टर्स' में से एक हैं। दोनों की पहली मुलाकात 2011 में हुई थी जब इशांत को एक लोकल बास्केटबॉल टूर्नामेंट में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था, जिसमें प्रतिमा खेल रही थीं।

इशांत शर्मा को उनसे पहली नजर में ही प्यार हो गया था हालांकि उनका दिल जीतने में उन्हें काफी समय लगा। कई सालों की दोस्ती और साथ बिताए समय के बाद इस जोड़े ने 9 दिसंबर 2016 को एक शानदार पारंपरिक समारोह में शादी कर ली। इशांत अक्सर प्रतिमा को अपना सबसे बड़ा सहारा मानते हैं जिन्होंने उनके इंटरनेशनल करियर के मुश्किल और दबाव वाले दौर में उनकी मदद की।

Ishant Sharma is celebrating his 38th birthday.
ईशांत शर्मा अपनी पत्नी के साथ (सोर्स - सोशल मीडिया)
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उपलब्धियां और शानदार विरासत

टेस्ट क्रिकेट में 311 विकेट लेने वाले इशांत जहीर खान के साथ संयुक्त रूप से भारत के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं। उनसे आगे सिर्फ महान कपिल देव हैं। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने भारतीय तेज गेंदबाजों की मौजूदा पीढ़ी के लिए रास्ता बनाया और ये साबित किया कि उपमहाद्वीप के तेज गेंदबाज एक दशक से भी ज्यादा समय तक विदेशी हालात में भी अपना दबदबा बनाए रख सकते हैं।

फिलहाल गुजरात टाइटन्स के लिए एक अहम और अनुभवी स्ट्राइक बॉलर के तौर पर खेल रहे इशांत भारत की अगली पीढ़ी के तेज गेंदबाजों के साथ अपना कीमती अनुभव साझा कर रहे हैं।

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