टूटेगी 30 साल पुरानी परंपरा? घर में ही शर्मशार हो सकती है भारतीय टीम, मंडराया ये बड़ा खतरा!

IND vs SA: भारतीय टीम गुवाहाटी टेस्ट में साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार के करीब है। चौथे दिन का खेल जारी है और टीम इंडिया पूरी तरह बैकफुट पर नजर आ रही है।
टूटेगा 30 साल पुरानी परंपरा? घर में ही शर्मशार हो सकती है भारतीय टीम, मंडराया ये बड़ा खतरा!
मोहम्मद सिराज (फोटो- सोशल मीडिया)
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India vs South Africa: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज जारी है। पहला मुकाबला साउथ अफ्रीका ने आसानी से जीतकर 1-0 की बढ़त बनाई थी। अब गुवाहाटी में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में भी टीम इंडिया मुश्किल में फंसी नजर आ रही है। साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में भारत के सामने जीत के लिए 549 रन का लक्ष्य रखा है। इसी के साथ भारतीय क्रिकेट के 30 साल पुराने रिकॉर्ड पर भी खतरा मंडरा रहा है।

भारतीय बल्लेबाजी की बड़ी नाकामी

पूरी सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों की परफॉर्मेंस बेहद निराशाजनक रही है। कोलकाता की दोनों पारियों में टीम इंडिया ढह गई थी और गुवाहाटी में भी हालात नहीं बदले। अभी तक सीरीज में कोई भी भारतीय बल्लेबाज शतक नहीं लगा सका है। अगर दूसरी पारी में भी कोई खिलाड़ी तीन अंकों तक नहीं पहुंचा, तो लगभग 30 साल बाद ऐसा होगा जब भारत घर पर टेस्ट सीरीज खेलते हुए कोई शतक नहीं बना पाएगा। इसका मतलब है कि तीन दशक से चला आ रहा घरेलू शतक का सिलसिला टूटने के कगार पर है।

स्पिनर्स का बढ़ता असर

गुवाहाटी टेस्ट चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है और पिच का मिज़ाज पूरी तरह बदल गया है। शुरुआत में जहां तेज गेंदबाजों को स्विंग और बाउंस मिल रहा था, वहीं अब स्पिनर्स लगातार प्रभाव डाल रहे हैं। पिच पर उछाल और टर्न दोनों दिख रहे हैं, जिससे बल्लेबाजी और भी कठिन हो गई है। ऐसे में 400 से अधिक का लक्ष्य हासिल करने का सपना लगभग असंभव जैसा हो जाता है।

मौजूदा हालात में शतक लगना क्यों मुश्किल

भारत ने कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 189 रन बनाए थे और दूसरी पारी में तो टीम 93 पर सिमट गई थी। इसके बाद गुवाहाटी की पहली पारी में भी भारत मात्र 201 रन ही जोड़ पाया। टॉप ऑर्डर से लेकर मध्यक्रम तक सभी बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे हैं। ऐसे में चौथी पारी में, वह भी स्पिन होती पिच पर, किसी भारतीय बल्लेबाज का शतक लगाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। आखिरी पारी में बड़े स्कोर आम तौर पर कम ही बनते हैं और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उम्मीदें और भी कम हो जाती हैं।

भारत को मैच बचाने या लक्ष्य का पीछा करने के लिए असाधारण प्रदर्शन करना होगा। टीम ने टेस्ट इतिहास में कभी चौथी पारी में 445 से अधिक रन नहीं बनाए हैं। ऐसे में 549 का लक्ष्य का पीछा करना लगभग नामुमकिन जैसा है। भारतीय फैंस को अब किसी चमत्कार की ही उम्मीद करनी होगी।

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