कोच गौतम गंभीर का कीर्ति आजाद को करारा जवाब, हनुमान मंदिर में वर्ल्ड कप ट्रॉफी ले जाने पर छिड़ी जुबानी जंग

Trophy Controversy: टी20 WC जीत के बाद भारतीय टीम के मंदिर जाने पर कीर्ति आजाद ने सवाल उठाए। कोच गौतम गंभीर ने कहा, ऐसे बयान खिलाड़ियों की उपलब्धि को कम करते हैं।
Indian Cricket Team Coach Gautam Gambir reply it TMC MP Kirti Azad for ICC T20 WC Trophy
TMC सासंद कीर्ति आजाद और कोच गौतम गंभीर (फोटो- सोशल मीडिया)
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Gautam Gambir reply TMC MP Kirti Azad: टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीत के बाद भारतीय टीम के अहमदाबाद के हनुमान मंदिर जाने पर पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल उठाए थे। भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, कोच गौतम गंभीर और आईसीसी अध्यक्ष जय शाह मंदिर पहुंचे और वहां दर्शन किए।

कीर्ति आजाद ने उठाए सवाल

भारत को पूर्व क्रिकेटर व टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रॉफी को सिर्फ मंदिर ही क्यों ले जाया गया। उनका कहना था कि अगर यह किया जाना है तो इसे अन्य धर्मों के पूजा स्थलों पर भी ले जाना चाहिए। उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण बताया और कहा कि इस तरह के फैसले से टीम और देश के बीच अलगाव पैदा हो सकता है।

गंभीर का TMC सासंद व पूर्व क्रिकेटर को जवाब

भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कीर्ति आजाद के बयान पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह ऐसा मुद्दा नहीं है जिसका जवाब दिया जाए। यह पूरी टीम और देश के लिए गर्व का पल है। गंभीर ने कहा कि "कुछ बयान सिर्फ खिलाड़ियों की उपलब्धि को कम करके दिखाते हैं। अगर हर ऐसे बयान को गंभीरता से लिया जाएगा तो टीम की मेहनत और सफलता का महत्व कम हो जाएगा। खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में काफी दबाव झेला। खासकर साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच हारने के बाद टीम पर काफी प्रेशर था। ऐसे समय में इस तरह के बयान देना टीम की उपलब्धि को कमतर दिखाने जैसा है। भारतीय टीम को अपनी जीत का जश्न अपने तरीके से मनाने का पूरा हक है और इसमें धर्म या राजनीति को नहीं घसीटना चाहिए।"

पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने भी कीर्ति आजाद के बयान पर नाराजगी जताई और टीम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर देश का नाम ऊंचा करते हैं। किसी भी आस्था या धर्म को जोड़कर उनकी उपलब्धि पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

गौतम गंभीर ने यह भी कहा कि भारतीय टीम ने कठिन परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन किया। टीम को अपनी जीत का जश्न मनाने का पूरा हक है और इसमें बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं। उन्होंने साफ किया कि इस तरह के बयान खिलाड़ियों के मनोबल और टीम भावना पर असर डाल सकते हैं, इसलिए खेल और राजनीति को अलग रखा जाना चाहिए। इस प्रकार कोच गंभीर ने स्पष्ट कर दिया कि टीम अपनी उपलब्धियों का जश्न अपने तरीके से मनाने में स्वतंत्र है और किसी भी बयान से इसे कमतर नहीं दिखाया जा सकता।

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