T20 World Cup 2024: ICC ने पिच को माना असंतोषजनक, सामने आयी हैरान करने वाली रेटिंग

आईसीसी का T20 विश्व कप 2024 इस बार अमेरिका और वेस्टइंडीज में आयोजित किया गया था। जिसमें न्यूयॉर्क के स्टेडियम में मैच खेले गए थे। इस दौरान अमेरिका को इन स्टेडियम की पिच को कई आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था और अब आईसीसी ने इन स्टेडियम का परीक्षण कर इनकी रेटिंग जारी की है जो हैरान कर देने वाली है।
पिच रेटिंग रिपोर्ट
पिच रिपोर्ट (सौजन्य-एक्स)
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दुबई: आईसीसी ने T20 विश्व कप 2024 के लिए इस्तेमाल किए गए स्टेडियम की पिचों की रेटिंग रिपोर्ट जारी की है। जिसके परिणाम वाकई में हैरान कर देने वाले है। इस रेटिंग के अनुसार न्युयॉर्क में खेले गए मात्र 8 मैच में से 6 की पिच को ही संतोषजनक रेटिंग दी गई है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मैच रेफरी ने T20 विश्व कप के दौरान न्यूयॉर्क में खेले गये आठ मैचों में से भारत बनाम पाकिस्तान सहित छह मैचों की पिच को लेकर नरम रूख अपनाते हुए उसे ‘संतोषजनक' रेटिंग दी है।

असंतोषजनक मिली रेटिंग

अस्थायी नासाउ काउंटी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गये मैचों में से आयरलैंड के खिलाफ भारत के शुरुआती मैच के अलावा श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के बीच मैच के लिए इस्तेमाल की गई पिच को मैच रेफरी से ‘असंतोषजनक' रेटिंग मिली है। आईसीसी ने अमेरिका में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए न्यूयॉर्क में मैचों का आयोजन किया था लेकिन खराब पिच और धीमी आउटफील्ड के कारण उसे आलोचना का सामना करना पड़ा था।

आईसीसी की रेटिंग

आईसीसी ने टूर्नामेंट खत्म होने के काफी समय के बाद मंगलवार को अपनी वेबसाइट पर पिच रेटिंग प्रकाशित की। यह टूर्नामेंट एक से 29 जून तक अमेरिका और वेस्टइंडीज में खेला गया था।

न्यूयॉर्क में सभी आठ मैच कम स्कोर वाले रहे थे। टूर्नामेंट के आयोजन के दौरान और उसके बाद विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने इन पिचों की तीखी आलोचना की थी। भारत ने न्यूयॉर्क में ग्रुप चरण के तीन मैच खेले जबकि फोर्ट लॉडरहिल में कनाडा के खिलाफ उसका मैच बारिश की भेंट चढ़ गया।

ड्रॉप इन पिच क्या होती है?

ड्रॉप इन पिच का मतलब ऐसी पिच होती है जिसे मैदान या स्थल से दूर कहीं बनाया जाता है और बाद में स्टेडियम में लाकर बिछा दिया जाता है। न्यूयॉर्क में इस्तेमाल की गयी पिचें एडीलेड ओवल के मुख्य क्यूरेटर डेमियर हॉग के नेतृत्व में तैयार की गयी थी।

इन पिचों को मई के पहले सप्ताह में न्यूयॉर्क पहुंचाया गया था और पूरा परीक्षण किये बिना इस पर दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका के बीच उद्घाटन मैच खेला गया था। न्यूयॉर्क में खेले गये आठ मैचों में पहली पारी का औसत स्कोर 107.6 था। रंजन मदुगले, डेविड बून, जेफ क्रो और रिची रिचर्डसन न्यूयॉर्क के मैचों के लिए चार मैच रेफरी थे।

बारबाडोस में अफगानिस्तान के खिलाफ भारत के सुपर आठ मैच की पिच को ‘संतोषजनक' रेटिंग दी गई थी। टूर्नामेंट के फाइनल मैच की पिच को ‘बहुत अच्छा' रेटिंग मिली। ‘बहुत अच्छा' रेटिंग हासिल करने वाली यह इकलौती पिच रही।

सेमीफाइनल की पिच भी असंतोषजनक

प्रतियोगिता के 52 मैचों में से केवल तीन मैचों को ‘असंतोषजनक' रेटिंग दी गई। इसमें तीसरा मैच त्रिनिदाद में अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया सेमीफाइनल था, जहां अफगानिस्तान की टीम 56 रन पर आउट हो गयी थी।

आईसीसी की यह रेटिंग थोड़ी हैरान करने वाली है क्योंकि उसने पिछले साल अहमदाबाद में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गये एकदिवसीय विश्व कप फाइनल की पिच को ‘औसत' रेटिंग दी थी।

फाइनल से पहले अजेय रही भारतीय टीम खिताबी मुकाबले में नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच पर केवल 240 रन ही बना सकी थी। ऑस्ट्रेलिया ने 43 ओवरों में इस लक्ष्य का पीछा कर लिया था। इससे पता चलता है कि न्यूयॉर्क में इस्तेमाल की गई ड्रॉप-इन पिचों की तुलना में यह कहीं बेहतर पिच थी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)  

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