

Wardha Cricketer Saurabh Dubey: 6 महीने पहले तक वर्धा का एक तेज गेंदबाज अपने भविष्य को लेकर असमंजस में था। चोट के कारण घरेलू क्रिकेट से दूर हो चुका था, विदर्भ टीम में वापसी के सारे रास्ते बंद नजर आ रहे थे और क्रिकेट गलियारों में चर्चा होने लगी थी कि उसका करियर शायद अब खत्म हो चुका है। लेकिन उसी खिलाड़ी ने आज आईपीएल जैसे बड़े मंच पर दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव और जोस बटलर के विकेट लेकर अपनी पहचान फिर से स्थापित कर दी है।
यह कहानी है सौरभ दुबे की जिसने हार मानने के बजाय संघर्ष को अपना हथियार बनाया। वर्धा के साधारण पुजारी परिवार से आने वाले सौरभ के पिता राजेंद्र प्रसाद दुबे हैं। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून बचपन से ही इतना था कि वे कई बार रात में घर से चुपके निकलकर टेनिस बॉल टूर्नामेंट खेलने चले जाते थे। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही लड़का एक दिन आईपीएल के मैदान पर देश के सबसे बड़े बल्लेबाजों को परेशान करेगा।
सौरभ की प्रतिभा को पहचान मिली शरद भौगे क्रिकेट अकादमी और गजदर लीग में उनके शानदार प्रदर्शन से। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। विदर्भ क्रिकेट संघ (वीसीए) की रेजिडेंशियल अकादमी में 2 वर्षों तक कठिन प्रशिक्षण ने उनकी गेंदबाजी को नई चार दी। सीके नायडू ट्रॉफी में प्रभावशाली प्रदर्शन के दम पर वे राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के कैंप तक पहुंचे और फिर भारत की अंडर-23 वनडे टीम में जगह बनाने में सफल रहे, उनके करियर का सबसे बड़ा मीड़ वर्ष 2019 में आया जब एसीसी इमर्जिंग टीम्स एशिया कप के दौरान महान क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने उनकी गेंदबाजी की सराहना की। यह किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए बड़ा सम्मान था और सौरभ के आत्मविश्वास को नई उड़ान मिली लेकिन क्रिकेट का सफर कभी सीधा नहीं होता। अक्टूबर 2023 में लगी चोट ने उनकी रफतार और लय दोनों पर असर डाला। चोट से उबरने के बाद भी उन्हें विदर्भ टीम में दोबारा भौका नहीं मिला। चयन ट्रायल में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद दरवाजे बंद रहे। धीरे-धीरे लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि अब सौरभ की वापसी मुश्किल है। हालात इतने कठिन हो गए कि कनरीब 6 महीने पहले वे अपने गृह नगर वर्षा में छोटे-मोटे नाइट टेनिस बॉल टूनमिट खेलते नजर आने लगे थे।
हालांकि उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। लगातार मेहनत जारी रखी और किस्मत ने भी उनका साथ दिया। आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने चोटिल खिलाड़ी की जगह उन्हें टीम में शामिल कर लिया। शुरुआती मैचों में अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली लेकिन 13 मई को आरसीबी के खिलाफ पदार्पण का मौका मिल गया।
पहले ही ओवर में 5 डॉट गेंद फेंककर उन्होंने अपनी शानदार मौजूदगी दर्ज करा दी। उस ओवर में केवल एक रन खर्च हुआ और सभी की नजरें इस नए गेंदबाज पर टिक गई। यह पहली बार था जब सौरभ ने आईपीएल में पदार्पण किया। इसके पूर्व हैदराबाद टीम ने उन्हें शामिल किया था लेकिन मौका नहीं मिला।
पहले मैच में विकेट नहीं मिला लेकिन अगले मुकाबले में गुजरात टाइटंस के खिलाफ उन्होंने इंग्लैंड के विस्फोटक बल्लेबाज जोस बटलर को अपना पहला आईपीएल शिकार बनाया। 20 मई को मुंबई इंडियन के खिलाफ उन्होंने टी20 क्रिकेट के 2 बड़े सितारों रोहित शर्मा और और सूर्यकुमार यादव को आउट कर सुर्खिया बटोर ली। रविवार की शाम दिल्ली के खिलाफ भी मिलर को आउट करने में सफलता पाई। दोनों दिशाओं में गेंद स्विंग कराने, अतिरिक्त उछाल हासिल करने और दबाव की स्थिति में सटीक यॉर्कर डालने की उनकी क्षमता उन्हें बेहद खतरनाक बनाती है।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से जयदीप रघुवंशी की रिपोर्ट