

England Cricket Team Midnight Curfew Lifted: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों पर लगाया गया मिडनाइट कर्फ्यू अब हटा दिया गया है। नए टेस्ट कप्तान जो रूट ने साफ कहा है कि खिलाड़ियों को मैदान के बाहर भी अपने फैसलों की जिम्मेदारी खुद लेनी चाहिए।
ये फैसला बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद और पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज से ठीक पहले लिया गया है।
ऑस्ट्रेलिया में एशेज सीरीज में हार के बाद इंग्लैंड टीम मैनेजमेंट ने खिलाड़ियों के लिए रात 12 बजे का कर्फ्यू लागू किया था। इस नियम के तहत किसी भी सीरीज के दौरान खिलाड़ियों को आधी रात के बाद बाहर रहने की अनुमति नहीं थी। ये फैसला ऑस्ट्रेलिया में हैरी ब्रूक से जुड़े एक नाइट क्लब विवाद के बाद लिया गया था।
ये नियम ज्यादा समय तक चर्चा से बाहर नहीं रह सका। न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में पहले टेस्ट में इंग्लैंड की जीत के बाद पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन को लंदन के एक नाइट क्लब में देखा गया था।
इस घटना के बाद कर्फ्यू को लेकर सवाल उठने लगे। मामला तब और गंभीर हो गया जब इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के एक कर्मचारी को चोट लगी और उसे टांके लगवाने पड़े।
इसके कुछ समय बाद बेन स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। स्टोक्स के संन्यास के बाद टेस्ट टीम की कप्तानी संभालने वाले जो रूट ने कर्फ्यू को हटाने की पुष्टि की है। ये नियम सिर्फ सात महीने पहले ही लागू किया गया था।
रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ हेडिंग्ले में होने वाले पहले टेस्ट से पहले कहा कि खिलाड़ियों के साथ बच्चों की तरह व्यवहार करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी समझदार हैं और उन्हें अपने फैसलों की जिम्मेदारी खुद लेनी चाहिए।
मिडनाइट कर्फ्यू हटाने का फैसला इंग्लैंड की सफेद गेंद वाली टीमों पर भी लागू होगा। इसका मतलब है कि हैरी ब्रूक की कप्तानी वाली वनडे और T20 टीमों के खिलाड़ियों को भी अब रात 12 बजे तक होटल लौटने की अनिवार्यता नहीं होगी। इन टीमों के कोच ब्रेंडन मैकुलम हैं।
हालांकि, कर्फ्यू हटने के बावजूद इंग्लैंड क्रिकेट ने खिलाड़ियों के लिए कुछ व्यवहार संबंधी दिशानिर्देश बनाए रखे हैं। इन नियमों में मैच से एक दिन पहले, मैच वाले दिन और मैच के अगले दिन शराब से बचने की सलाह दी गई है।
सार्वजनिक जगहों पर इस दौरान शराब पीने को हतोत्साहित किया गया है, जबकि निजी तौर पर भी खिलाड़ियों को शराब का सेवन सीमित रखने की सलाह दी गई है।
इन नियमों का मकसद खिलाड़ियों की तैयारी, फिटनेस और रिकवरी पर असर पड़ने से रोकना है। अब कर्फ्यू हटने के बाद टीम मैनेजमेंट की नजर इस बात पर होगी कि खिलाड़ी अपनी आजादी और जिम्मेदारी के बीच सही संतुलन कैसे बनाते हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड का ये फैसला टीम के माहौल में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।