आशा भोसले (फोटो-सोशल मीडिया)
Cricket Fraternity Mourns the Demise of Asha Bhosle: महान गायिका आशा भोसले का रविवार को मुंबई में 92 वर्ष की आयु में देहांत हो गया। गायिका आशा भोसले को शनिवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन यहां उनकी सेहत में सुधार नहीं हो सका। सोमवार शाम 4 बजे उनका अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क में किया जाएगा। उनके निधन पर भारतीय क्रिकेट जगत ने शोक जताया है।
भारतीय पुरुष टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महान आशा भोसले जी के निधन से दुखी हूं। उनकी शालीनता और बेजोड़ प्रतिभा हमेशा हमारी यादों में बनी रहेगी!”
पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आशा भोसले जी के निधन पर दिल से संवेदनाएं। एक ऐसी आवाज जो कभी फीकी नहीं पड़ेगी और एक ऐसी विरासत जिसे भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनके प्रियजनों के लिए मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं।”
Heartfelt condolences on the passing of Asha Bhosale Ji A voice that will never fade and a legacy that will always be remembered for her contribution to Indian music. Thoughts & prayers with her loved ones 🙏 — Anil Kumble (@anilkumble1074) April 12, 2026
दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आशा भोसले के बारे में ऐसी खबरें सुनकर हमें याद आता है कि उनकी आवाज ने कितनी गहराई से पीढ़ियों को छुआ है। एक सच्ची लीजेंड जिनका संगीत समय और भावनाओं से परे है। उनकी विरासत हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेगी। प्रेरणा के लिए धन्यवाद।”
Hearing such news about Asha Bhosle ji reminds us how deeply her voice has touched generations. A true legend whose music transcends time and emotion. Her legacy will forever live in our hearts. Thank you for the inspiration. #AshaBhosle #Legend #RIPASHATAYI pic.twitter.com/1r4OdrBCNx — Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) April 12, 2026
पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने लिखा, “आशा जी की आवाज सुनते हुए ही मैं बड़ा हुआ हूं… मूड चाहे जैसा भी हो, उनका कोई न कोई गाना हमेशा ऐसा होता था जो उस मूड पर एकदम सटीक बैठता था। उस आवाज से कितनी ही यादें और कितनी ही भावनाएं जुड़ी हुई हैं। ऐसा लगता है जैसे हमारे बड़े होने का एक हिस्सा आज खामोश हो गया है। ईश्वर आशा जी की आत्मा को शांति दे। मेरी गहरी संवेदनाएं।”
Grew up listening to Asha ji… didn’t matter the mood, there was always a song of hers that fit it perfectly. So many memories, so many emotions tied to that voice. It feels like a part of our growing up has gone silent today. Rest in peace Asha ji 🙏 My deepest condolences.… pic.twitter.com/tHFJeHrotF — Yuvraj Singh (@YUVSTRONG12) April 12, 2026
भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने कहा, “उनकी आवाज सुनते हुए ही मैं बड़ा हुआ हूं… और यह आवाज कभी पुरानी नहीं हुई। आशा भोसले जी हमेशा सदाबहार रहेंगी। ओम शांति।”
यह भी पढ़ें: क्रिकेट और संगीत ने साथ मिलकर रचा था जादू, जब ‘यू आर द वन’ में दिखा था Asha Bhosle और ब्रेट ली की जुगलबंदी
भारत की पूर्व तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आशा भोसले जी के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। उनकी आवाज सिर्फ संगीत नहीं थी, बल्कि एक ऐसी भावना थी जिसने कई पीढ़ियों को छुआ। भारतीय संगीत के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।”
Deeply saddened to hear about the passing of Asha Bhosle ji. Her voice wasn’t just music, it was emotion that touched generations. An irreplaceable loss for Indian music.
Rest in peace 🙏 pic.twitter.com/qbPc6crIcp — Jhulan Goswami (@JhulanG10) April 12, 2026
भुवनेश्वर कुमार ने लिखा, “एक ऐसी आवाज जो जीवन के हर पड़ाव पर हमारे साथ रही। दुनिया को इतना बेहतरीन संगीत देने के लिए हम आपके आभारी हैं। आशा भोसले जी, आपको हमेशा याद किया जाएगा। परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति मिले, यही मेरी प्रार्थना है।”
पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने लिखा, “एक सदाबहार आवाज, एक महान विरासत। आशा भोसले जी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। उनकी आवाज हमेशा अमर रहेगी।”
आशा भोसले अपने जमाने की सबसे प्रभावशाली गायिकाओं में से एक थीं, जिन्होंने 1943 की मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ के लिए पार्श्वगायन से अपने करियर की शुरुआत की थी। वह ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’, ‘दो लफ्जों की है दिल की कहानी’, ‘क्या गजब करते हो जी’ और ‘ये लड़का है अल्लाह कैसा है दीवाना’ जैसे मशहूर गानों में अपनी गायकी के लिए जानी जाती हैं।
हिंदी के अलावा, उन्होंने लगभग 20 भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में गाने गाए हैं। साल 2006 में, उन्होंने बताया था कि उनके नाम लगभग 12,000 गाने दर्ज हैं। साल 2000 में, उन्हें प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें ‘पद्म विभूषण’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।