IPL 2026 के लिए BCCI ने जारी किया नया दिशा-निर्देश, प्रैक्टिस मैच खेलने के लिए भी लेनी होगी परमिशन

IPL 2026: आईपीएल 2026 के लिए बीसीसीआई ने गाइडलाइन जारी कर दिया है। टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले बीसीसीआई ने प्रैक्टिस सेशन को लेकर दिशा-निर्देश की घोषणा कर दी है।
BCCI Tells IPL Franchises
मैच विकेट (फोटो-सोशल मीडिया)
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BCCI Tells IPL Franchises: आईपीएल 2026 का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है। टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले बीसीसीआई ने प्रैक्टिस सेशन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आदेश दिया है कि कोई भी टीम उस पिच पर ट्रेनिंग नहीं करेगी, जिसका इस्तेमाल दूसरी टीम ने अपने नेट सेशन के दौरान किया हो।

बोर्ड द्वारा फ्रेंचाइजी के साथ शेयर की गई प्रैक्टिस सेशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अगर एक टीम दूसरी के बाद प्रैक्टिस करती है, तो नए नेट तैयार करने होंगे। पांच पेज के दिशा-निर्देश में कहा गया है, "हर टीम को उनके तय प्रैक्टिस सेशन के लिए नए नेट दिए जाएं। अगर एक साथ प्रैक्टिस सेशन होते हैं या जब एक टीम दूसरी के बाद प्रैक्टिस करती है, तो पहली टीम को दूसरी टीम के नेट (थ्रो डाउन के लिए भी) इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी। अगर एक टीम प्रैक्टिस जल्दी खत्म कर लेती है, तो दूसरी टीम उनके रेंज-हिटिंग विकेट का भी इस्तेमाल नहीं कर सकती है।"'

प्रैक्टिस मैच के लिए लेना होगा BCCI से परमिशन

अगर कोई टीम लाइट में प्रैक्टिस मैच खेलना चाहती है, तो मैच साढ़े तीन घंटे से ज्यादा नहीं चलना चाहिए। बीसीसीआई ने इस बात को विज्ञप्ति में साफ कहा है। बीसीसीआई से इजाजत लेने के बाद भी टीमों को दो से ज्यादा प्रैक्टिस मैच खेलने की परमिशन नहीं होगी। बीसीसीआई ने यह भी साफ कर दिया है कि मेन स्क्वायर पर प्रैक्टिस मैच नहीं खेला जा सकता।

बीसीसीआई का कहना है, "घरेलू टीम के ओपनिंग मुकाबले से 4 दिन पहले सीजन के लिए पिच को तैयार करने के वक्त कोई भी प्रैक्टिस मैच या सेशन मेन स्क्वायर पर नहीं होगा। इस दौरान, अगर घरेलू फ्रेंचाइजी अनुरोध करती है, तो राज्य एसोसिएशन को फ्रेंचाइजी को बिना किसी खर्च के एक दूसरा प्रैक्टिस ग्राउंड उपलब्ध कराना होगा।" सीजन के शुरुआती मैच से पहले, टीमों को 16 मार्च से प्रैक्टिस एरिया में दो नेट और रेंज हिटिंग के लिए मेन स्क्वायर पर एक नेट दिया जाएगा।

BCCI दे सकती है दखल

बीसीसीआई के नोट में आगे कहा गया है कि घरेलू टीम को यात्रा करने वाली टीम पर तरजीह दी जाएगी। "हालांकि घरेलू टीम को पसंदीदा सेशन की पहली चॉइस मिलनी चाहिए, लेकिन विपक्षी टीम के अनुरोध पर ध्यान दिया जाएगा।" प्रैक्टिस सेशन को लेकर टकराव होने पर बीसीसीआई दखल देगा। अगर दोनों टीमें डबल बुकिंग को नहीं सुलझा पाती हैं, तो बीसीसीआई दोनों टीमों के अनुरोध पर विचार करके प्रैक्टिस का समय तय करेगा, जिसका संभावित नतीजा यह होगा कि दो 2 घंटे के स्लॉट बनाए जाएंगे, जिससे दोनों टीमों को मैदान के खास इस्तेमाल के साथ एक जैसे खेलने के हालात मिलेंगे।"

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