

Bangladesh Women Cricket Captain: बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की कप्तान निगार सुल्ताना को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए निर्धारित आचार संहिता के लेवल-1 का उल्लंघन करने पर आधिकारिक तौर पर फटकार लगाई है।
यह पूरा मामला सिलहट में शनिवार को बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले के दौरान का है। सुल्ताना पर आईसीसी के आर्टिकल 2.2 के उल्लंघन का आरोप लगा है, जो किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट उपकरणों, कपड़ों या मैदान के सामान का गलत इस्तेमाल करने से संबंधित है।
यह घटना बांग्लादेश की बल्लेबाजी के दौरान घटी, जब कप्तान निगार सुल्ताना आउट होने के बाद बेहद निराश और गुस्से में नजर आईं। उन्होंने पवेलियन की तरफ लौटने से पहले नाराजगी में अपना बल्ला जमीन पर फेंक दिया। आईसीसी ने उनकी इस हरकत को खेल भावना के विपरीत माना। इस औपचारिक फटकार के साथ ही निगार सुल्ताना के अनुशासन रिकॉर्ड में एक डिमेरिट प्वाइंट भी जोड़ दिया गया है। पिछले 24 महीनों में निगार सुल्ताना द्वारा किया गया यह पहला अपराध है।
आईसीसी ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि बांग्लादेशी कप्तान निगार सुल्ताना ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। उन्होंने एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी की सदस्य सुप्रिया रानी दास द्वारा प्रस्तावित सजा को स्वीकार कर लिया, जिसके चलते इस मामले में आगे किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। यह आरोप मैदानी अंपायर एलोइस शेरिडन और साथीरा जाकिर जेसी, तीसरे अंपायर रोकेया सुल्ताना और चौथे अंपायर चंपा चकमा ने लगाए थे।
आईसीसी के नियमानुसार, लेवल-1 के उल्लंघन पर न्यूनतम सजा के तौर पर आधिकारिक फटकार और अधिकतम खिलाड़ी की मैच फीस का 50 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जाता है। इसके साथ ही एक या दो डिमेरिट प्वाइंट भी दिए जाते हैं। यह डिमेरिट प्वाइंट खिलाड़ी के रिकॉर्ड में 24 महीनों तक दर्ज रहता है।
यदि कोई खिलाड़ी इस अवधि में चार या उससे अधिक डिमेरिट प्वाइंट प्राप्त कर लेता है, तो उसे सस्पेंशन प्वाइंट में बदल दिया जाता है। इसका अर्थ यह होता है कि खिलाड़ी पर एक टेस्ट, दो वनडे या दो टी20 मैचों का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि इस दौरे पर श्रीलंका ने बांग्लादेश को वनडे में 2-1 और टी20 सीरीज में 3-0 से करारी शिकस्त दी है।