

Andrew Flintoff Appointed Head Coach BBL Team: इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने करीब दो साल तक जिम्मेदारी संभालने के बाद इंग्लैंड लायंस के मुख्य कोच पद से इस्तीफा दे दिया है। अब वो ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) टीम सिडनी थंडर के नए मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर रहे हैं।
48 साल के फ्लिंटॉफ सितंबर 2024 में इंग्लैंड लायंस के मुख्य कोच बने थे। इस दौरान उन्होंने इंग्लैंड के कई युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। अपने पद से हटने के फैसले पर फ्लिंटॉफ ने कहा कि उन्हें देश के युवा खिलाड़ियों के साथ काम करने और उनके विकास को देखने पर काफी गर्व है। उन्होंने कहा कि लायंस के साथ उनका समय शानदार रहा और अब वो अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित हैं।
फ्लिंटॉफ का ये फैसला ऐसे समय आया है जब वो ऑस्ट्रेलिया में अपनी नई कोचिंग पारी शुरू करने वाले हैं। उन्हें सिडनी थंडर का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है और वो इस साल के अंत में टीम के साथ जुड़ेंगे। ये बिग बैश लीग में उनका पहला मुख्य कोच का पद होगा।
फ्लिंटॉफ का क्रिकेट में वापसी का सफर भी काफी मुश्किल रहा है। 2022 में BBC के टीवी शो 'टॉप गियर' की शूटिंग के दौरान हुए गंभीर हादसे में उन्हें चोटें लगी थीं। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली थी, लेकिन धीरे-धीरे कोचिंग और मेंटर की भूमिका के जरिए खेल में वापसी की। अब सिडनी थंडर के साथ उनकी नई जिम्मेदारी उनके करियर का एक और बड़ा कदम मानी जा रही है।
इंग्लैंड लायंस के अगले मुकाबले से पहले टीम को अंतरिम कोच की जरूरत होगी। पाकिस्तान पुरुष टीम के खिलाफ 12 अगस्त से बेकनहम में होने वाले चार दिवसीय मुकाबले में माइक यार्डी प्रोफेशनल काउंटी क्लब सेलेक्ट XI की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इंग्लैंड पुरुष टीम के परफॉर्मेंस डायरेक्टर एड बार्नी ने फ्लिंटॉफ के काम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने लायंस के माहौल को पूरी तरह बदलने में बड़ी भूमिका निभाई। उनके मुताबिक फ्लिंटॉफ ने ऐसा माहौल बनाया, जहां युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए चुनौती भी मिली और उन्हें जरूरी सहयोग भी दिया गया। उन्होंने ये भी कहा कि फ्लिंटॉफ के साथ काम करते हुए कई कोचों को भी आगे बढ़ने का मौका मिला।
अब फ्लिंटॉफ की नजरें सिडनी थंडर पर हैं, जहां वो पहली बार बिग बैश लीग में मुख्य कोच के तौर पर अपनी नई पारी शुरू करेंगे। उनके सामने युवा खिलाड़ियों वाली टीम को तैयार करने और उन्हें खिताब की दौड़ में मजबूत बनाने की चुनौती होगी।