चैंपियंस ट्रॉफी (फोटो-सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क: चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी पाकिस्तान ने की थी। चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भारतीय टीम ने अपने नाम किया था। चैंपियंस ट्रॉफी के मेजबानी से पाकिस्तान मलामाल हो गया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने दावा किया कि उसे चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी से लगभग 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का फायदा हुआ है।
पीसीबी के प्रवक्ता आमिर मीर और मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) जावेद मुर्तजा ने उन रिपोर्टों के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हुआ है। चैंपियंस ट्रॉफी का मैच पाकिस्तान के कराची, लाहौर और रावलपिंडी में खेला गया था।
मीर ने कहा कि टूर्नामेंट के सभी खर्च आईसीसी द्वारा उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि पीसीबी ने गेट मनी और टिकट बिक्री के माध्यम से राजस्व अर्जित किया। इसके अलावा ऑडिट के बाद हमें आईसीसी से 3 बिलियन रुपये और मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पीसीबी ने शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी से 2 बिलियन रुपये की कमाई का लक्ष्य रखा था, लेकिन वे इस लक्ष्य को पार कर गए।
उन्होंने यह भी दावा किया है कि पिछले वर्ष की तुलना में पीसीबी को 40 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। मीर ने कहा कि इस वित्तीय मजबूती के साथ पीसीबी अब दुनिया के शीर्ष तीन सबसे अमीर क्रिकेट बोर्डों में शुमार है। बोर्ड ने 40 मिलियन रुपये का कर भी चुकाया है।
सीएफओ ने कहा कि पीसीबी ने केवल चार महीनों में बड़े नवीनीकरण का काम पूरा कर लिया है। जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि अब स्थल अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करता हैं। मीर ने कहा कि 29 वर्षों के बाद एक प्रमुख स्टेडियम उन्नयन परियोजना शुरू की गई, जो एक महत्वपूर्ण कार्य था। घरेलू पुरुष और महिला खिलाड़ियों के वेतन में कटौती के बारे में बात करते हुए मीर ने कहा कि चेयरमैन नकवी ने उनके वेतन में कटौती के फैसले को पलट दिया है।
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आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के अंतिम चरण से पीसीबी की अनुपस्थिति के बारे में अधिकारियों ने कहा कि वे अभी भी आईसीसी से पूर्ण स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं। मुर्तजा ने कहा कि बहुत जल्द पीसीबी पारदर्शिता के लिए चैंपियंस ट्रॉफी से संबंधित अपने सभी वित्तीय विवरण बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराएगा।