

Pranvi Urs IGU Reward: एशियन गेम्स 2026 का आज समापन होने जा रहा है। इस कॉम्पीटिशन में भारत का अब तक का दूसरा सबसे बेस्ट परफॉर्मेंस रहा है। एशियन गेम्स 2026 में भारत कुल 86 मेडल जीतकर चौथे स्थान पर रहा है। एशियन गेम्स में गोल्फ में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली खिलाड़ी प्रणवी उर्स के लिए ये काफी खास मौका रहा है।
प्रणवी ने गोल्ड मेडल जीतकर पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है। प्रणवी के गोल्ड मेडल जीतने के मौके पर इंडियन गोल्फ यूनियन यानी आईजीयू ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड जीतने के लिए प्रणवी उर्स को इनाम राशि देने का ऐलान किया है।
इंडियन गोल्फ यूनियन यानी आईजीयू की गवर्निंग काउंसिल ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड जीतने के लिए प्रणवी उर्स को 10 लाख रुपये का नकद राशि देने का ऐलान किया है। प्रणवी के अलावा सिल्वर जीतने वाली महिला गोल्फ टीम के प्रत्येक सदस्य को भी 3-3 लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी। इस टीम में प्रणवी उर्स के साथ ओलंपियन अदिति अशोक और दीक्षा डागर भी शामिल हैं।
आईजीयू के प्रेसिडेंट ब्रिजिंदर सिंह ने प्रणवी उर्स को बधाई देते हुए कहा है कि आपका शानदार प्रदर्शन इंडियन गोल्फ और इंडियन गोल्फ यूनियन में हम सभी के लिए बहुत गर्व की बात है। एशियन गेम्स में गोल्ड जीतना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और यह आपके टैलेंट, कड़ी मेहनत, पक्के इरादे और खेल के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दिखाता है।
उन्होंने कहा है कि इंडियन गोल्फ यूनियन की ओर से, मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि गवर्निंग काउंसिल ने आपके गोल्ड मेडल जीतने वाले प्रदर्शन के लिए 10 लाख रुपये के कैश अवॉर्ड को मंजूरी दी है। इसके अलावा, आईजीयू ने महिला गोल्फ टीम के हर सदस्य को उनके सिल्वर मेडल के लिए 3 लाख रुपये देने की घोषणा की है।
ब्रिजिंदर सिंह ने कहा है कि ये अवॉर्ड आपके शानदार योगदान और इंडियन गोल्फ को बड़ा सम्मान दिलाने के लिए हमारी सराहना का एक छोटा सा तरीका है। प्रणवी की जीत ने एशियन गेम्स में गोल्फ के गोल्ड के लिए भारत का 24 साल का इंतजार समाप्त किया। इससे पहले, बुसान 2002 में शिव कपूर का पुरुषों का इंडिविजुअल टाइटल देश का पिछला टाइटल था।
इससे पहले, अदिति ने हांगझोऊ 2023 में सिल्वर मेडल जीता था। प्रणवी हांगझोऊ में चौथे स्थान पर रही थीं। यह एशियन गेम्स में गोल्फ में भारत का चौथा गोल्ड भी था। पहला टाइटल नई दिल्ली 1982 में लक्ष्मण सिंह ने जीता था। उन्होंने ऋषि नारायण, अमित लूथरा और राजीव मोहता के साथ मिलकर पुरुषों की टीम का खिताब जीता था।