

Sergio Gor India US Relations: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर जब भारत आए थे। उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनको अपना दोस्त करार देते हुए विश्वास जाहिर किया था कि सर्जियो गोर दोनों देश के रिश्तों को नई उंचाई देने का काम करेंगे।
उनका यह विश्वास बुधवार को पूर्ण रूप से सही साबित हुआ। जब जम्मू कश्मीर के दौरे पर उन्होंने कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण स्थान करार देते हुए यह भी कहा कि अमेरिका कश्मीर को लेकर अपनी यात्रा सलाह में बदलाव करेगा।
उन्होंने अपने इस बयान से केवल भारत के लोगों का दिल हीं नहीं जीता बल्कि इतिहास के एक प्रमुख अध्याय को अपने नाम कर लिया। वह कश्मीर जाने वाले पहले अमेरिकी राजदूत हैं।
इसके अलावा उन्होंने कश्मीर को जिस तरह से भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताकर अमेरिकी नागरिकों के बड़ी संख्या में कश्मीर में पर्यटन के लिए आने की उम्मीद जाहिर की है। वह भारत-अमेरिका रिश्तों का एक नया इतिहास लिखने वाला वाक्य बन गया है।
यह सर्जियो गोर का केवल एक बयान नहीं है। अगर देखा जाए तो इसके सहारे गोर ने हर भारतीय का दिल जीतने का कार्य किया है। उन्होंने यह ससंकित भी दिए हैं कि कश्मीर को लेकर अमेरिका की वर्षों पुरानी सुरक्षा धारणा में बदलाव हो रहा है। उनके बयान ने भारत-अमेरिकी रिश्तों, दक्षिण एशिया में बदलते रणनीतिक स्थिति की तस्वीर के साथ ही कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की नई कूटनीतिक दिशा भी तय की है।
यह केवल पाकिस्तान के कश्मीर घाटी में घुसपैठ, आतंकवाद फैलाने की नीति पर एक प्रहार ही नहीं है बल्कि यह दुनिया को संकेत हैं कि अमेरिका यह मानता है कि यहां पर पाक के सभी दावे नापाक और बदनीयत वाले हैं। सर्जियो गोर एक परंपरागत राजनयिक से कुछ अलग हैं। उन्होंने भारत को सम्झने और यहां के लोगों से दिल का रिश्ता बनाने के लिए भारत के विभिन्न राज्यों का इतना दौरा किया है। जो संभवतः एक आम भारतीय भी नहीं करता है। उन्होंने किसी भी अमेरिकी राजदूत से अधिक विभिन्न राज्यों का दौरा किया। वहां पर सीएम और अन्य लोगों से मुलाकात की।
उनके माध्यम से वहां के रहन-सहन, खान-पान, परंपरा, वेशभूषा को समझने के साथ ही इस बात को भी गहराई से समझने का प्रयास किया कि एक आम भारतीय आखिर भारत- अमेरिका रिश्तों में क्या चाहता है। आम तौर पर कोई भी राजदूत और खारस्कर अमेरिका का राजदूत दोनों देशों के रिश्ते सुधारने के लिए इस तरह के सथन मेहनत से भरे कदमों से दूर रहता है। लेकिन गोर ने अलग करके दिखाया कि वह भारत का दिल जीतने के लिए आए हैं। वह केवल राजदूत की हैसियत से नहीं बल्कि हर भारतीय की उम्मीद को पूरा करने आए हैं।
यह प्रयास उनके महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडू दौर से लेकर जम्मू कश्मीर दौरे तक में दिखा है। एक अमेरिकी दूतावास अधिकारी के मुताबिक सर्जियो गोर ने अपने अल्पकालिक सेवा काल में जितने भारतीय नेताओं, अधिकारियों, प्रमुख लोगों और अन्य व्यक्तियों से मुलाकात की है। उतनी मुलाकात आम तौर पर राजदूत अपने पूरे कार्यकाल में भी नहीं करते हैं। यह बताता है कि वह सबो दिल से भारत से रिश्तों को नई उंचाई पर ले जाने के लिए आए हैं। जिसमें उनको कामयाबी भी मिल रही है।
लेख- संतोष ठाकुर के द्वारा