निशानेबाज: करो अमित शाह पर एतबार, जेल से नहीं चला सकते सरकार

Amit Shah Statement: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बिल्कुल मंजूर नहीं है कि कोई नेता जेल से सरकार चलाए।अमित शाह चाहें तो शाहजहां का उदाहरण दे सकते हैं जिसका सारा पावर जेल जाते ही खत्म हो गया था।
करो अमित शाह पर एतबार
करो अमित शाह पर एतबार (सौ. डिजाइन फोटो)
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नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बिल्कुल मंजूर नहीं है कि कोई नेता जेल से सरकार चलाए।अमित शाह चाहें तो शाहजहां का उदाहरण दे सकते हैं जिसका सारा पावर जेल जाते ही खत्म हो गया था।औरंगजेब ने अपने अब्बा का डब्बा गोलकर कैदखाने में डाल दिया था।वहां खिड़की से ताजमहल देखो और अपनी बदकिस्मती पर आंसू बहाओ.’ हमने कहा, ‘शाहजहां मजबूर था लेकिन वर्तमान नेताओं की बात अलग है।लालूप्रसाद यादव ने जेल में रहकर भी सरकार चलाई थी और अपनी अनपढ़ पत्नी राबड़ी देवी को सीएम मनोनीत कर दिया था।

इसी तरह जेल जाने से अरविंद केजरीवाल का रुतबा जरा भी कम नहीं हुआ था।उन्होंने सत्ता की आतिषबाजी का शो जारी रखने के लिए आतिषी मर्लेना को सीएम बनवा दिया था।टीवी के समान ही सत्ता का रिमोट कंट्रोल रहता है।सोनिया गांधी ने खुद पद पर न रहते हुए मनमोहन सरकार को इसी तरीके से चलाया था.’ पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, अमित शाह नहीं चाहते कि जेल का कैदी बनने के बाद कोई मुख्यमंत्री वहां अपने मंत्रियों या सचिवों को बुलाकर उन्हें निर्देश दे और नीतिगत फैसले करे।जब वह कैदी है तो अपनी औकात में रहे।30 दिन तक बिना जमानत जेल में सड़े और फिर पद के लिए अयोग्य करार दे दिया जाए।

इस तरह के कानून का विपक्ष विरोध कर रहा है।ऐसी स्थिति आई तो पुराने आरोपों की फाइल निकाल कर अपोजीशन के सीएम अंदर कर दिए जाएंगे।महीना भर अंदर रहे तो गया पद! ऐसे में ममता, केजरीवाल जैसे नेताओं का क्या होगा? वैसे अमित शाह का कहना है कि इस कानून के दायरे में प्रधानमंत्री पद को भी लाया गया है, लेकिन विपक्ष इसे दिखावा मानते हैं क्योंकि किंग केन डू नो रांग!’ हमने कहा, ‘अमित शाह को कौन बताए कि जेल जाने से किसी का दबदबा खत्म नहीं होता।चार्ल्स शोभराज जैसा बिकिनी किलर तिहाड़ जेल में अपनी हुकूमत चलाता था।

इसी तरह सुकेश चंद्रशेखर जैसा ठग जेल में रहकर मौज-मस्ती करता था और वहां फिल्मी हीरोइनों को बुलवा लेता था।जेल का सख्त कानून ऐसे लोगों पर लागू नहीं होता।दूसरी ओर सारे मंत्री सिक्योरिटी के कैदी रहते हैं।वे मनचाहे तरीके कहीं जा नहीं सकते किसी से मिल भी नहीं सकते.’

लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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