निम्नतम स्तर पर शीर्ष नेता के बोल, शोभाजनक नहीं, खो रहे तौल
- Written By: चंद्रमोहन द्विवेदी
पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, देश के शीर्ष नेता के मन की बात चुनाव के अंतिम दौर तक दिल की भड़ास बन चुकी है। वे ऐसी तीखी बातें बोलने लगे हैं जो विपक्ष के हृदय में तीर की तरह चुभ जाएं। ये बोल शोभाजनक नहीं हैं।’’
हमने कहा, ‘‘युद्ध, प्रेम और चुनाव में सब जायज होता है। जब चुनाव आयोग को इस तरह के बयानों पर जरा भी आपत्ति नहीं है तो आप क्यों इतने बेचैन हो रहे हैं? पहले जनसंघ को और फिर बीजेपी को बर्दाश्त नहीं होता था कि देशवासियों पर गांधी-नेहरू का इतना जादू क्यों है। कांग्रेस क्यों इतने दशकों से सत्ता में है? अटल की सरकार आई लेकिन वह गठबंधन की मजबूरियों से दबी हुई थी। वर्तमान सरकार ने 10 वर्षों में अंगद तरह पैर जमा लिया और अपने विरोधियों से गिन-गिन कर बदला ले रही है। 2 मुख्यमंत्रियों को जेल भेजने का जिगर शीर्ष नेता ही रखते हैं। उन्होंने आगे का प्लान भी बता दिया है कि जिन्होंने बिहार में गरीबों को लूटकर नौकरी के बदले जमीन लिखवाई है, वो कान खोलकर सुन लें, उनका जेल जाने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। यह इशारा लालू यादव और तेजस्वी के लिए है।’’
पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशनेबाज, शीर्ष नेता ने यह भी तो कहा कि मुस्लिम वोट बैंक लिए इंडी गठबंधन मुजरा करना चाहता है तो मुझे इसकी कोई परवाह नहीं है।’’
सम्बंधित ख़बरें
Year Ender 2024: एक साल दो चुनाव और अप्रत्याशित नतीजे, महाराष्ट्र की राजनीति की इन घटनाओं ने सबको…
लोकसभा चुनाव 2024 नतीजे के सदमें से नहीं उबर पाए राहुल गांधी, अब अमेरिका में दे रहें अनाब-सनाब बयान
पीएम मोदी के शपथ ग्रहण पर दीपेन्द्र हुड्डा का बड़ा बयान, कहा- समारोह में हुआ सेना का अपमान
‘हाईवे मैन’ नितिन गडकरी ने फिर संभाला सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का कार्यभार
हमने कहा, ‘‘वह चाहते तो भरतनाट्यम, कथकली, कत्थक या कुचिपुड़ी जैसे भारतीय क्लासिकल नृत्य की बात कर सकते थे। वे भंगडा करने का भी आरोप लगा सकते थे। उन्होंने मुजरे का जिक्र ही क्यों किया?’’
पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, मुजरा मुगलिया और नवाबी कल्चर से जुड़ा हुआ है। तवायफें मुजरा किया करती थीं और नवाब उन पर मोटी रकम लुटाते थे। फिल्मी तारिकाएं भी बखूबी मुजरा करती हैं। मीनाकुमारी ने फिल्म ‘पाकीजा’ में ‘ठाड़े रहियो रे बांके यार’ गीत पर, नलिनी जयवंत ने फिल्म ‘काला पानी’ में ‘नजर लागी राजा तोरे बंगले पे’, रेखा ने ‘उमरावजान’ में ‘दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिए’ जैसे गाने पर मुजरा पेश किया था। वैजयंती माला ने भी ‘देवदास’ में यही किया था। अभी ओटीटी प्लेटफार्म पर प्रदर्शित ‘हीरामंडी’ में भी मुजरा ही मुजरा है। इसलिए शीर्ष नेता के ध्यान में यह बात आ गई। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि परिवार के मुखिया को परिवार के सदस्यों के प्रति आंखों की शरम रखनी चाहिए। राहुल गांधी ने भी कहा कि भाषा की गरिमा और बीजेपी की सीटें लगातार गिरती चली जा रही हैं।’’
