

Festival Season Sugar Price Hike: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, त्योहारों का सीजन चल रहा है और शक्कर के दाम लगभग दोगुने होते जा रहे हैं। ऐसे में किसी का मुंह मीठा कैसे करेंगे? यह कहने की हिम्मत नहीं होगी कि तुम्हारे मुंह में घी-शक्कर! यह कौन-सा चक्कर है कि शक्कर अचानक इतनी महंगी होती चली जा रही है। यही हालत रही तो धर्मात्मा लोग जीवदया की भावना से चींटी के बिल के पास शक्कर के दाने डालना भी बंद कर देंगे।'
हमने कहा, 'सरकार की नीतियों की तारीफ कीजिए, वह चाहती है कि सभी लोग यथासंभव स्वदेशी को अपनाएं और चीनी का बहिष्कार करें। सारा बाजार चीनी प्रॉडक्ट से भरा है। बिजली की लड़, डेकोरेशन की सामग्री, नेलकटर, कैंची, खिलौने सब चीनी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि छोटी-छोटी आंखों वाले गणेशजी व लक्ष्मी की चीनी प्रतिमाएं न खरीदकर स्वदेशी खरीदें।
चीनी का उपयोग छोड़ने की दिशा में पहला कदम है कि हर देशवासी चीनी खाना कम कर दे या बिल्कुल छोड़ दे। देशभक्ति की भावना से वंदे मातरम् पूरी तरह गाए और कभी भी हिंदी-चीनी भाई-भाई का फरेबी नारा न लगाए। महंगी हो जाने की वजह से पहले लोग चीनी खाना छोड़ेंगे फिर चीनी माल का बॉयकाट करेंगे। राष्ट्रहित की इस रणनीति को समझिए।'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, चाय, कॉफी, लस्सी, शरबत, कोल्ड ड्रिंक, मिठाई, श्रीखंड, शीरा या हलवा सभी में चीनी रहती है। चीनी के बगैर जिंदगी का क्या मजा रह जाएगा? मीनाकुमारी शायद शक्कर नहीं खाती थीं। इसलिए उन्होंने शेर लिखा था- तुम क्या करोगे सुनकर मुझसे मेरी कहानी, बेलुत्फ जिंदगी के किस्से हैं फीके फीके! हमारे यहां इतनी चीनी बनती थी कि देश में भरपूर इस्तेमाल के अलावा हम उसका बड़े पैमाने पर एक्सपोर्ट करते थे। भारत की चीनी विदेशियों का मुंह भी मीठा करती थी।'
हमने कहा, 'डॉक्टरों की राय में नमक और शक्कर दोनों ही व्हाइट पॉयजन या सफेद जहर हैं। डायबिटीज वालों को मीठा खाना मना है। इसलिए चीनी महंगी होगी तो लोग कम मीठा खाएंगे और उनका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। चीनी इसलिए तूफानी तेजी से महंगी हो रही है, क्योंकि उसका इथेनॉल बनाकर पेट्रोल में मिक्स किया जा रहा है। अब गाड़ी मीठा पेट्रोल पीने लगी है। इथेनॉल का स्वागत करते हुए गाइए-साडे नाल रहोगे तो ऐश करोगे !'
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा