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नवभारत निशानेबाज: संघ की वजह से BJP के अच्छे दिन नहीं तो उसकी राह थी कठिन

RSS BJP Nexus: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान ने एक बार फिर याद दिलाया कि बीजेपी की जड़ें संघ में हैं। जनसंघ से जनता पार्टी और फिर बीजेपी तक संघ की निर्णायक भूमिका रही है।

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: Feb 10, 2026 | 06:48 AM

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RSS Role In BJP: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने साफ-साफ कहा कि बीजेपी के अच्छे दिन संघ की वजह से आए। ऐसा बिल्कुल मत समझरना कि बीजेपी के कारण संघ के अच्छे दिन आए हैं।’

हमने कहा, ‘भागवत को यह समझाने की जरूरत क्यों आन पड़ी? सभी जानते हैं कि असली वटवृक्ष आरएसएस है और बीजेपी उस वृक्ष की एक डाल। संघ के स्वयंसेवकों की संगठनशक्ति ही असली ताकत है। आरएसएस ने पहले 1951 में जनसंघ बनाया जिसके अध्यक्ष डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी थे। संघ ने 1977 में समाजवादियों व पूर्व कांग्रेसी नेताओं का तालमेल जमाकर जनता पार्टी बनाई, जब दोहरी सदस्यता के मुद्दे पर समाजवादी नेता मधु लिमये और राजनारायण से टकराव आ गया तो वाजपेयी, आडवाणी जैसे नेताओं ने आरएसएस के प्रति अपनी गहरी निष्ठा के कारण 1980 में बीजेपी बना ली थी।’

पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, बात अच्छे दिनों की हो रही है। भागवत का दावा है कि राम मंदिर आंदोलन में स्वयंसेवकों के कठिन परिश्रम से अच्छे दिन आए।

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हमने कहा, ‘अच्छे दिन की अभिलाषा किसे नहीं रहती ? 2004 के लोकसभा चुनाव में लालकृष्ण आडवाणी ने अच्छे दिन आएंगे और इंडिया शाइनिंग का नारा दिया था। इस समय ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूएई, यूरोपीय यूनियन और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते होने को मोदी सरकार अच्छे दिन मान रही है।’ सामान्य व्यक्ति अखबार में राशि भविष्य पढ़कर पता लगाता है कि उसके लिए दिन अच्छा है या नहीं। एक भजन के बोल हैं- सब दिन होत ना एक समान। अच्छे दिन की कामना से विदेश में लोग एक-दूसरे को गुड डे कहते हैं। ठंड के मौसम में दिन छोटे होते हैं और गर्मी में बड़े ! उत्तरी ध्रुव में 6 महीने का दिन और 6 महीने की रात होती हैं। फिल्मों के नाम में भी दिन रहता है जैसे कि आए दिन बहार के, नया दिन नई रात। फिल्म ‘दि गाइड’ का गीत था- दिन ढल जाए हाय रात न जाए, तू तो न आए तेरी याद सताए, व्यक्ति प्रसन्न व आशावादी रहे तो उसके लिए हर दिन अच्छा हो सकता है। चुनाव के समय मुफ्त की खैरात मिलने से गरीब वोटर के अच्छे दिन आ जाते हैं।’

यह भी पढ़ें:-क्यों मनाते हैं ‘नेशनल कृमि मुक्ति दिवस’? क्या है इसका हमारे हेल्थ से संबंध? ध्यान से पढ़िए

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

Rss bjp political roots mohan bhagwat statement

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Published On: Feb 10, 2026 | 06:48 AM

Topics:  

  • BJP
  • Indian Politics
  • Mohan Bhagwat
  • Navbharat Editorial
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