नवभारत निशानेबाज: अब चल निकला नया ट्रेंड पर्सनैलिटी को करते पेटेंट
Celebrity Personality Rights: सेलेब्रिटीज अपनी आवाज, स्टाइल और संवाद पर अधिकार सुरक्षित रखने की बात कर रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या किसी की चाल-ढाल या बोलने की शैली पर भी पेटेंट संभव है।
- Written By: अंकिता पटेल
नवभारत डिजाइन फोटो
Right of Publicity Law: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, हम अपने व्यक्तित्व या पर्सनैलिटी के अधिकार को पूरी तरह सुरक्षित या पेटेंट करा लेना चाहते हैं, ताकि कोई हमारी चाल-ढाल, बोली, स्टाइल की नकल न करे।’ हमने कहा, ‘यह फिल्म स्टार या सेलेब्रिटीज का चोंचला है, जो खुद को वेरी स्पेशल मानते हैं। उन्हें लगता है कि कोई उनकी आवाज, संवाद या शैली की कॉपी करके पैसे न कमाने लगे। उन्होंने बड़ी मेहनत व सूझबूझ से अपनी शैली रची है, जिस पर कोई डाका न डालने पाए। इसलिए शत्रुघ्न सिन्हा चाहते हैं कि उनकी खास स्टाइल में कोई ‘खामोश’ न बोले। अनिल कपूर भी चाहेंगे कि उनकी तरह कोई ‘झकास’ बोलने की हिम्मत न करे।’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज सारे मिमिक्री आर्टिस्ट किसी न किसी फिल्म स्टार के डायलॉग बोलने के तरीके की नकल करते हैं। सुदेश भोसले व जॉनी लिवर को आपने ओमप्रकाश, संजीवकुमार, राजेश खन्ना की आवाज निकालते सुना होगा। राजू ? श्रीवास्तव अमिताभ बच्चन की नकल किया करते थे। यदि मिमिक्री आर्टिस्ट को ऐसी नकल करने से रोक दिया गया, तो वे अपनी गुजर-बसर कैसे करेंगे? कितने ही अनाउंसर ने अमीन सयानी की नकल करने की कोशिश की लेकिन उन्हें कभी नहीं रोका गया। दिलीपकुमार के हावभाव व संवाद बोलने की नकल राजेन्द्रकुमार, मनोजकुमार और शाहरुख खान ने की, लेकिन दिलीपकुमार ने कोई आपत्ति नहीं जताई। लोग असली और नकली का अंतर खुद ही समझ लेते हैं। लता मंगेशकर के समान आवाज में सुमन कल्याणपुर भी गाती थीं लेकिन लता ने इस पर एतराज नहीं जताया था। कुछ कलाकार तो लालूप्रसाद यादव की आवाज भी निकालते हैं तो कोई प्रधानमंत्री मोदी के समान बोलने की कोशिश करता है।’
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हमने कहा, ‘आजकल पर्सनैलिटी राइट के नाम पर खुद को इसलिए सुरक्षित किया जाने लगा है कि कोई किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की आवाज निकालकर गलत चीजों का कमर्शियल प्रचार न करने पाए,’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
