Navbharat Nishanebaaz: व्यक्तिपूजा में नहीं कोई दूजा, अंधभक्तों को इसी में मजा

Political Personality Worship: ‘निशानेबाज’ ने राजनीति में बढ़ती व्यक्तिपूजा पर व्यंग्य करते हुए इंदिरा गांधी के दौर से आज की राजनीति तक नेता-भक्ति और चापलूसी के बदलते अंदाज पर तंज कसा है।
Personality Cult in Politics
निशानेबाजफोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
Published on
Updated on

Personality Cult in Politics: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, राजनीति में व्यक्तिपूजा हद से ज्यादा बढ़ गई है। अंधभक्त अपने नेता को भगवान मानने लगे हैं। यह स्थिति लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है।'

हमने कहा, 'अच्छे-बुरे का फैसला करने वाले आप कौन होते हैं? देश की राजनीति बिना व्यक्तिपूजा के चल ही नहीं सकती। आप आज के मोदी भक्तों को देख रहे हैं लेकिन यह हमेशा से चलता आया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष देवकांत बरुआ ने कहा था- इंदिरा इज इंडिया एंड इंडिया इज इंदिरा ! उन्होंने उस जमाने में संजय गांधी की तुलना शंकराचार्य और स्वामी विवेकानंद से की थी। इस तरह स्तुति करने में भी सूझबूझ लगती है। पहले पूजा में माखन-मिश्री का भोग लगा करता था। आज की व्यक्तिपूजा में भक्त स्वयं मिश्री खाकर अपनी जबान मीठी कर लेता है। इसके बाद जिसकी पूजा करता है, उसे खूब मक्खन लगाता है। देश के चप्पे-चप्पे में कितने ही चापलूसों ने चमत्कारी ढंग से चौतरफा तरक्की की है।

व्यक्तिपूजा एक उत्तम निवेश या इन्वेस्टमेंट है। होशियार कार्यकर्ता सबसे पहले किसी तिकड़मबाज नेता को पहचान कर उसके साथ चिपक जाता है। उस नेता की झिड़कियां व फटकार सुनता । है, है, मगर पीछा नहीं छोड़ता। उसे छोड़ने और रिसीव करने के लिए गुलदस्ता व हार लेकर एयरपोर्ट जाता है। उसकी अटैची उठाता है। उस नेता की प्रेस कॉन्फ्रेंस और सार्वजनिक सत्कार करवाता है।

उसके जन्मदिन पर बड़े-बड़े विज्ञापन छपवाता है। ऐसे निष्ठावान कार्यकर्ता की तकदीर पलटा खाती है। फुटाने खाने वाला कार्यकर्ता बादाम खाने लगता है। उसकी किस्मत चकाचक हो जाती है। नेता उस पर मेहरबान होकर उसे स्कूल-कॉलेज खोलने की सौगात देता है। कभी झोपड़ी में रहने वाला कार्यकर्ता फार्महाउस का मालिक बन जाता है। उन्नति का एकमात्र मार्ग व्यक्तिपूजा है। हमने आपको व्यक्तिपूजा की लुभावनी कथा सुनाई। अब और क्या कहें?'

Personality Cult in Politics
नागपुर पुलिस विभाग में हड़कंप, 20,000 रुपए की रिश्वत लेते जरीपटका थाने का हेड कांस्टेबल रंगे हाथों गिरफ्तार

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, आपको ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं। इस तरह की पूजा में चमचागिरी के मंत्र पढ़े जाते हैं। रिश्वत व कमीशन का चढ़ावा अर्पित किया जाता है। दलबदल का भव्य अनुष्ठान किया जाता है। व्यक्तिपूजा करने वाले मुफ्त का चंदन घिसते हैं और अपने नेता की आरती उतारने में लगे रहते हैं, क्योंकि व्यक्तिपूजा में नहीं कोई दूजा !'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com