नवभारत निशानेबाज: डोनाल्ड ट्रंप ने की थी शरारत ओबामा को बताया था बंदर

Obama Video Controversy: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Barack Obama ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान Donald Trump द्वारा जारी आपत्तिजनक वीडियो ने लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाई और यह आचरण अशालीन था।
Navbharat Shooter: Donald Trump played a prank by calling Obama a monkey
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Trump Racist Video Row: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा अब तक इस बात को लेकर नाराज हैं कि 2000 के अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें बंदर जैसा दिखानेवाला बताते वीडियो जारी किया था। उस वीडियो में बंदरों के शरीर पर ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल के चेहरे लगा दिए गए थे। यह बात अलग है कि उस राष्ट्रपति पद के चुनाव में बाइडेन ने ट्रंप को हरा दिया था। चुनाव नतीजा अपने खिलाफ जाने से ट्रंप चिढ़ गए थे और उनके समर्थकों ने वाशिंगटन को कैपिटल बिल्डिंग के सामने उपद्रव मचाया था। ओबामा ने अपने अपमान को याद करते हुए कहा कि अमेरिका के अधिकांश लोगों को ट्रंप का ऐसा बर्ताव अपमानजनक और व्यथित करनेवाला लगा। किसी पूर्व राष्ट्रपति के चेहरे को बंदर की शक्ल से सुपरइम्पोज करना अत्यंत अशालीन व दुष्टतापूर्ण कार्य है।'

हमने कहा, 'बराक ओबामा के बारे में कहा जाता था कि वह हनुमानजी की आकृतिवाला लकिट गले में पहना करते थे। यदि वह ईसाई रहने के बावजूद सचमुच हनुमान भक्त हैं तो उन्हें इस वीडियो से नाराज नहीं होना चाहिए। भगवान राम ने वानर और भालुओं की सेना से ही रावण को हराया था। हनुमानजी ने समुद्र लांघ कर सीता का पता लगाया था और अशोक वाटिका को नष्ट कर दिया था। पूंछ में आग लगाए जाने पर उन्होंने लघु रूप लेकर उसी आग से लंका को जला डाला था।

लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए वह सूर्योदय होने के पूर्व हिमालय से संजीवनी बूटी ले गए थे। जब अहिरावण राम-लक्ष्मण को पाताल ले गया था तो हनुमान ने अहिरावण को मारकर राम-लक्ष्मण को वहां से अपने कंधे पर बिठाकर लाने का पराक्रम किया था। ओबामा को इस बात का बुरा नहीं मानना चाहिए कि डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें बंदर की शक्ल में दिखाया। वह चाहें तो ट्रंप को बनमानुष या गोरिल्ला कह सकते है। ओबामा इस वीडियो को इंसल्ट नहीं बल्कि काम्प्लीमेंट की तरह लें। वह चाहें तो हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू कर दें और अगले 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी डेमोक्रेटिक पार्टी के किसी उम्मीदवार को जिताने की तैयारी में लग जाएं।'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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