

PM Modi Gifts Chocolates To Giorgia Meloni: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी चॉकलेट का डिब्बा भेंट किया। क्या यह इस बात का संकेत था कि कुछ मीठा हो जाए?'
हमने कहा, 'यह तो कैडबरी चॉकलेट की विज्ञापन लाइन है- कुछ मीठा हो जाए! मेलोडी चॉकलेट पार्ले कंपनी की है। इस चॉकलेट का संदेश है- मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ! मानकर चलिए कि मेलोनी जब मेलोडी खाएंगी तो मोदी के 'मन की बात' बिना कहे अपने आप जान जाएंगी। खास बात यह है कि मोदी ने मेलोनी को मीठी चॉकलेट खिलाई। इससे हिंदी का अनुप्रास अलंकार बनता है जिसे अंग्रेजी में सिंटेक्स कहते हैं। मिसाल के तौर पर आपने सुना होगा- चंदू के चाचा ने चंदू की चाची को चांदनी चौक पर चांदी के चम्मच से चटनी चटाई। इस वाक्य में 'च' अक्षर का इस्तेमाल 12 बार किया गया है।'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, यह चॉकलेट नहीं, इंडिया का इटली की ओर इशारा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते मधुर रिश्तों का सहारा है। यह इंटीमेसी वाली रोम की रोमांटिक डिप्लोमेसी है जिसमें मोदी ने कहा, ओ माई फ्रेंड मेलोनी!'
हमने कहा, 'विदेशी नेताओं को सौजन्यपूर्वक कुछ न कुछ गिफ्ट देने का रिवाज है। मोदी ने ट्रंप को भगवद्गीता की प्रति भेंट की थी तो उन्हें ऐसी प्रेरणा मिली की ईरान के खिलाफ महाभारत शुरू कर दिया।'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, ट्रंप की बात अलग है। किसी महिला नेता को गिफ्ट देना है तो बनारसी साड़ी या महंगा वाला परफ्यूम देना उपयुक्त रहता। चॉकलेट तो तुरंत मुंह में घुल जाएगी फिर बचेगा क्या? भारत के विभिन्न राज्यों में तरह-तरह के हैंडीक्राफ्ट बनते हैं। ऐसी हस्तकला वाली सामग्री देते जो मेलोनी के मन को भाती।'
हमने कहा, 'प्रधानमंत्री को आपकी सलाह की जरूरत नहीं है। उन्हें परामर्श देने के लिए पार्टी का परामर्शदाता मंडल है जिसमें आडवाणी और मुरलीमनोहर जोशी जैसे बुजुर्गवार बैठे हैं। विदेश मंत्रालय के उच्चाधिकारी और सीनियर आईएएस अफसर भी मोदी को राय दे सकते हैं कि कौन सा गिफ्ट बढ़िया रहेगा।'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, मेलोडी चॉकलेट भेंट करने की खबर का ऐसा असर पड़ा कि पार्ले कंपनी के शेयर में उछाल आ गया। उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनी ब्रिटेनिया मन मसोस कर रह गई होगी।'