नवभारत संपादकीय: महाराष्ट्र विकास की दिशा में तेजी से अग्रसर, सरकार का दावा; वैश्विक प्रतिस्पर्धा का लक्ष्य

Maharashtra Development Plan: महाराष्ट्र के 66 वर्ष पूरे होने पर सूखामुक्त राज्य का लक्ष्य घोषित। जलयात्रा, नदी जोड़ो योजना और जलविद्युत निवेश से भविष्य की तैयारी पर जोर।
Navabharat Editorial: Maharashtra Rapidly Advancing Towards Development, Government Claims; Aiming for Global Competitiveness
महाराष्ट्र 66 वर्ष, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Drought Free Maharashtra Mission: महाराष्ट्र राज्य के निर्माण को 66 वर्ष पूर्ण हो गए। इस दौरान राज्य ने औद्योगिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक क्षेत्रों में प्रगत्ति के उच्च शिखरों को स्पर्श किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह कथन निरंतर विकास के प्रति उनके प्रचंड आत्मविश्वास को दर्शाता है कि महाराष्ट्र अब पीछे मुड़कर नहीं देखेगा। समाज के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की गारंटी देने वाले सूखामुक्त महाराष्ट्र की घोषणा मुख्यमंत्री ने की तथा 'जलयात्रा' की शुरुआत की गई।

भविष्य में राज्य में कहीं भी सूखा न पड़े, इस उद्देश्य से 'नदी जोड़ो योजना' व कृषि तालाब जैसे उपाय किए जाएंगे। राज्य में जलविद्युत निर्माण के लिए 5,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा। 'अल नीनों' की वजह से इस बार कमजोर मानसून की आशंका है जिसे देखते हुए सूखे के संकट से निपटने के लिए उपाय अभी से किए जा रहे हैं। महाराष्ट्र अब अन्य राज्यों से ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था से प्रतिस्पर्धा करेगा।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ऐसी ही रफ्तार रही तो कुछ वर्षों में महाराष्ट्र अरब देशों और सिंगापुर को भी पीछे छोड़ देगा। महाराष्ट्र में डाटा सेंटर का निर्माण जारी है। आगामी 5 वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी देश की कुल ऊर्जानिर्मिती में 50 प्रतिशत से भी अधिक हो जाएगी। पिछले सप्ताह राज्य में एक ही दिन में 2.5 लाख करोड़ रुपए के 18 विशाल व अतिविशाल प्रकल्पों को मंजूरी दी गई। राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए जलविद्युत प्रकल्प निर्मित किए जाएंगे जिसके लिए टाटा व अदाणी सहित कई कंपनियों से करार किए गए हैं। 70,325 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है। राज्य के 1 लाख युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे।

अब तक केवल मुंबई व पुणे में बड़े प्रकल्प थे, लेकिन अब राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी उनका निर्माण होगा। गडचिरोली जिले में 8,000 रोजगार निर्मिती क्षमता का प्रकल्प बनाया जाएगा। महाराष्ट्र देश की 5 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। अर्थशास्त्री टीआर ब्रम्हानंद के अनुसार देश की अर्थनीति के 5 स्तंभ महाराष्ट्र, तमिलनाडु, यूपी, मध्यप्रदेश व बंगाल हैं।

महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था 1 ट्रिलियन डॉलर करने का संकल्प मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया है। अभी महाराष्ट्र विश्व को 30वीं बड़ी इकोनॉमी है। वाधवन में मुंबई का चौथा बंदरगाह बनाया जाएगा, जो विश्व के 10 बंदरगाहों में से एक होगा। गड़चिरोली स्टील सिटी बनने की राह पर है। महाराष्ट्र ने 1,64,875 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हासिल किया है।

महावुति सरकार राज्य की प्रगति के लिए कृतसंकल्प है वहीं दूसरी ओर आगामी विधानपरिषद चुनाव में उद्धव ठाकरे की भूमिका को लेकर चर्चा है। विगत कुछ वर्षों में शिवसेना (उद्धव) कमजोर हुई है। मई महीने में उद्धव की विधानपरिषद सदस्यता की अवधि पूरी हो रही है।

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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