नवभारत निशानेबाज: कैबरे गीत में दैवीय अनुभूति श्रेया घोषाल की मारी गई मति

Lata Cabaret Song: फिल्म इंतकाम के मशहूर कैबरे गीत ‘आ जाने जां’ को लेकर श्रेया घोषाल ने कहा कि लता मंगेशकर की आवाज में दैवीय भाव था। हेलन के डांस वाला यह गीत बॉलीवुड के यादगार कैबरे में गिना जाता है।
Navbharat Shooter: A Divine Experience in a Cabaret Song—Has Shreya Ghoshal Lost Her Mind?
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Lata Mangeshkar Cabaret Song: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, बड़े गुलाम अली खां ने एक बार कहा था कि लता के गले में खुदा बसता है। अब गायिका श्रेया घोषाल ने कहा कि लता मंगेशकर ने कैबरे सॉन्ग गाया तो उसमें बहुत कुछ दैवीय भावना व्याप्त घी। आपकी इस बारे में क्या राय है?'

हमने कहा, 'यह अपनी-अपनी अनुभूति या नजरिया है। इसे आप तभी समझेंगे जब सूफी संतों के समान गहराई में जाकर विचार करें। श्रेया घोषाल ने 1969 में आई फिल्म 'इंतकाम' के मशहूर कैबरे गीत 'आ जाने जां, मेरा ये हुस्न जवां का उल्लेख किया जिस पर जोरदार ऑर्केस्ट्रा के साथ हेलन ने फड़कदार डान्स किया था। इस सीन में पिंजरे के भीतर आजाद नामक पहलवान कैद रहता है और बाहर हेलन नाचती है। इस उत्तेजक और मादक कैबरे गीत को राजेंद्र कृष्ण ने लिखा था और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने संगीत से सजाया था। इसी कैबरे की वजह से साधना और संजय खान की फिल्म 'इंतकाम' खूब चली थी। हिंदी फिल्मों में पहले कुक्कू का डान्स मशहूर था फिर हेलन ने उनका स्थान लिया, हेलन बर्मा (म्यांमार) से आकर बॉलीवुड फिल्मों में डांसर रहीं। वह अभिनेता सलमान खान की सौतेली मां है तथा संवाद व पटकथा लेखक सलीम खान की दूसरी बीवी हैं। अब उनकी उम्र लगभग 88 साल है।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज हमें आश्चर्य है कि इस कामुकतापूर्ण कैबरे सॉन्ग की श्रेया घोषाल ने इतनी तारीफ क्यों की? लता मंगेशकर के और भी तो सुंदर-सुंदर गीत हैं।'

हमने कहा, 'श्रेया की टिप्पणी है कि हालांकि यह वासना भड़‌काने वाला नाइट क्लब स्टाइल का गीत है लेकिन इसमें भी इतना अपनापन और प्यार हो सकता है। लता मंगेशकर की आवाज कालजयी है व हर पीढ़ी में लोकप्रिय है।'

हमने कहा, 'यदि श्रेया घोषाल को कैबरे गीत में भजन जैसी भक्ति भावना नजर आती है तो उनकी मर्जी। वह तो आशा भोसले के गीत 'दम मारो दम, बोलो सुबह-शाम हरे कृष्णा हरे राम' में भी दैवीय अनुभूति महसूस कर सकती हैं।'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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