संपादकीय: टेस्ट क्रिकेट को बाय-बाय, तूफानी ऊर्जा का दूसरा नाम विराट कोहली
भारतीय खिलाड़ी विराट कोहली ने 36 वर्ष की उम्र में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा तो वहीं पर पिछले वर्ष वह अंतरराष्ट्रीय टी-20 से संन्यास ले चुके थे। अब सिर्फ वन डे इंटरनेशनल में खेलेंगे। क्रिकेट में एक तूफान की तरह आए थे।
नवभारत डिजिटल डेस्क: पिछले कुछ वर्षों से अपने फॉर्म के लिए संघर्ष कर रहे विराट कोहली ने 36 वर्ष की उम्र में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। पिछले वर्ष वह अंतरराष्ट्रीय टी-20 से संन्यास ले चुके थे। अब सिर्फ वन डे इंटरनेशनल में खेलेंगे। क्रिकेट में एक तूफान की तरह आए कोहली 2019 में पहले ऐसे एशियाई कप्तान बने जिन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीती। कप्तान के रूप में उन्होंने लगातार 9 टेस्ट जीतने का पराक्रम दिखाया। 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 254 रन की कप्तानी पारी खेली।
विराट ने 68 मैचों में 54।80 के औसत से 5,864 रन बनाए। उन्होंने कुल 123 टेस्ट खेले और 9,230 रन बनाए जिनमें 30 सेंचुरी और 31 अर्धशतक थे। उन्हें किंग कोहली यूं ही नहीं कहा गया। टेस्ट मैचों में दर्शकों ने गावस्कर के युग के बाद तेंदुलकर का युग और उसके बाद विराट कोहली का युग देखा। सभी ने टेस्ट क्रिकेट में अमूल्य योगदान दिया। कोहली स्वयं में एक ब्रैंड हैं। उनके लाखों फैन हैं। उनके बिना टेस्ट क्रिकेट टीम एक अनुभवी और जुझारू बल्लेबाज से वंचित रह जाएगी। अब हेड कोच गौतम गंभीर तथा प्रमुख चयनकर्ता अजीत आगरकर पूरी आजादी से इंग्लैंड दौरे के लिए युवा खिलाड़ियों को मौका देंगे और संभवत: शुभमन गिल को कप्तान बनाएंगे।
जहां तक विराट का सवाल है, उनकी ताकत उनके आत्मविश्वास और जुनून की वजह से थी। ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ खिलाड़ी भी उनके निर्भीक व आक्रामक खेल से भौंचक हो जाते थे। कठिन मेहनत, अनुशासित जीवन शैली, फिटनेस व जोश ने उन्हें महान खिलाड़ी के रूप में बदल दिया। वह भारतीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का चेहरा बन गए थे। कोहली के लिए 2018 सबसे शानदार वर्ष रहा जब उन्होंने 24 पारियों में 1,322 रन बनाए। उन्होंने 7 दोहरे शतक लगाए जितने किसी अन्य भारतीय बल्लेबाज ने नहीं बनाए।
जीतने का जज्बा रखकर सर्वाधिक सफल कप्तान के रूप में 68 में से 40 टेस्ट में विजय हासिल की। सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड व गावस्कर के बाद विराट कोहली टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा रन बनानेवाले खिलाड़ी रहे। आस्ट्रेलिया में खेले गए 15 टेस्ट मैचों में विराट ने 7 शतक लगाए थे। वह युवा खिलाड़ियों के लिए हमेशा प्रेरणादायी रहेंगे।