

Suzuki Cup India Japan: जापान में पहला रिकॉर्डेड क्रिकेट मैच 163 वर्ष पहले योकोहामा में खेला गया था, लेकिन इस खेल ने जापानियों के दिलोदिमाग में कभी घर नहीं बनाया। जापान क्रिकेट एसोसिएशन में लगभग 7,300 खिलाड़ी ही पंजीकृत हैं। इसके बावजूद जापान की हर संभव कोशिश है कि वह अपने यहां क्रिकेट जागृति में कोई कोर-कसर न छोड़े। 22 सितंबर को सानो, जापान में सुजुकी कप के लिए खेले गए मैच में मेन इन ब्लू जापान के विरुद्ध केले के छिलके पर फिसलते-फिसलते बचे।
2 दिन की लगातार बारिश की वजह से मैच को 5-5 ओवर का कर दिया गया था और भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट खोकर 32 रन बनाए, जवाब में वाइड बॉल विवाद के चलते जापान 3 विकेट खोकर 30 रन ही बना सका। फलस्वरूप टी-20 विश्व चैंपियन भारत ने 2 रन के अंतर से अपनी इज्जत बचाते हुए सुजुकी कप अपने नाम किया। एशियन गेम्स महिला क्रिकेट फाइनल में भारत की परियों ने श्रीलंका के खिलाफ प्रभावी जीत दर्ज की और आइची-नागोया में खेले जा रहे 20वें एशियाई खेल 2026 का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
सानो के विपरीत आइची-नागोया के कोरओगी स्पोर्ट्स पार्क में मंगलवार (22 सितंबर 2026) को धूप खिली। कप्तान हरमनप्रीत कौर का प्रसन्न होना स्वाभाविक था कि भारत ने आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। हरमनप्रीत ने कहा, 'हमारे लिए यह बहुत बड़ी बात है क्योंकि हमारा उद्देश्य गोल्ड घर ले जाना था। इससे भी महत्वपूर्ण यह कि हम अपना झंडा सबसे ऊपर लहराता हुआ देखना चाहती थीं।
हां, हमने यह नहीं सोचा था कि हम अपने देश के लिए पहला गोल्ड जीतेंगी। मुझे यकीन है कि हमारे एथलीट्स और भी गोल्ड जीतेंगे।' स्मृति मानधना का कहना है, 'मैं वास्तव में खुश हूं कि हमने भारत की मेडल टैली में इजाफा किया। हर खिलाड़ी ने बहुत अच्छा क्रिकेट खेला। जब आप पदक जीतते हैं तो आप भारतीय दल में योगदान करते हैं। भारतीय तिरंगे को राष्ट्रगान के साथ ऊपर जाते हुए देखने का अनुभव एकदम अलग एहसास है।
हमें अपने आपको निरंतर बेहतर करना होगा अगले डेढ़-दो वर्ष में, ताकि हम ओलंपिक पदक जीतने की सबसे अच्छी स्थिति में हों।' एशिया में भारत को छोड़कर किसी देश की महिला क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर की नहीं है। ओलंपिक में पदक हासिल करना वास्तव में बहुत बड़ी बात होगी, क्योंकि मुकाबले पर ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड व न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीमें होंगी।
अगर संपूर्ण कैलंडर को और भारतीय महिला क्रिकेटरों की उपलब्धि को देखा जाए तो हरमनप्रीत के अनुसार, लड़कियां हमेशा से ही एशियन गेम्स, राष्ट्रकुल खेलों व ओलंपिक का हिस्सा बनना चाहती थीं। भारतीय लड़कियों ने हमेशा ही द्विपक्षीय श्रृंखलाएं, विश्व कप व एशिया कप ही खेले हैं। पिछले एशियन गेम्स की तरह इस बार भी फाइनल में भारत के सामने श्रीलंका थी।
हाइब्रिड पिच पर खेले गए फाइनल में स्पिनर्स को काफी मदद मिल रही थी। लेकिन स्मृति ने काउंटर अटैक करते हुए 5 चौके व 7 छक्के लगाए और मात्र 45 गेंदों में 79 रन बनाए, जबकि शेफाली ने 3 चौके व इतने ही छक्कों की मदद से 29 गेंदों में 48 रन बनाए। इसके बाद ऋचा घोष ने 22 गेंदों में 49 नाबाद रन बनाए और भारत का स्कोर 216 तक पहुंचा दिया।
जवाब में श्रीलंका घुमाव लेती गेंदों पर दीप्ति शर्मा (3/6), शेफाली (2/3), श्रेयांका पाटिल (2/9) व श्री चरणी (2/13) के सामने संघर्ष ही करती रहीं और उसकी पूरी टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर ही सिमट गई। भारत को रिकॉर्ड 147 रन से जीत हासिल हुई। इस प्रकार भारत की परियों ने श्रीलंका पर अपने दबदबे को बरकरार रखा है। 13 सितंबर 2026 को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की स्पिन लेती पिच पर एशिया कप के फाइनल में भी भारत (5 विकेट खोकर 183 रन) ने श्रीलंका (111 रन) को 72 रन से पराजित करके रिकॉर्ड आठवीं बार यह प्रतियोगिता अपने नाम की थी।
लेख-सारिम अन्ना के द्वारा