नवभारत विशेष: बम की झूठी धमकी के पीछे बड़ी साजिश तो नहीं, जानें देश को अब तक कितना हुआ नुकसान

Hoax Bomb Threat: देश में पिछले कुछ महीनों में 3000 से ज्यादा हॉक्स थ्रेट मिल चुके हैं। जानें अरबों का नुकसान और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ाने वाली इन फर्जी धमकियों के पीछे छिपा पूरा खेल।
Hoax Bomb Threat In India
बम की धमकी (डिजाइन फोटो)
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Hoax Bomb Threat In India: पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों को तलाशकर भारत ने अंदर से ही मार गिराया, सर्जिकल स्ट्राइक से डरे आतंकवादी लंबे समय तक उठ नहीं पाए और फिर ऑपरेशन सिंदूर ने सारा काम पूरा कर दिया। मगर हॉक्स थ्रेट कहां से आ रही हैं? कौन दे रहा है, इसके पीछे कौन है जिनकी ताकत से ये नित लोगों को डरा रहे हैं?

एक अनुमान के आधार पर देश भर में पिछले कुछ महीनों में अभी तक कम से कम 3 हजार से अधिक हॉक्स थ्रेट मिल चुकी हैं। सर्वाधिक आर्थिक नुकसान एयर इंड्रस्ट्री का हुआ है। धमकी मिलते ही या तो उड़ानें रद्द करनी पड़ीं या रास्ते बदले गए या फिर इमरजेंसी लैंडिंग करके यात्रियों को सुरक्षित किया गया। तीनों एयरलाइंस को कोई 300 से अधिक हॉक्स थ्रेट पिछले कुछ महीनों में मिल चुकी हैं।

विमानन कंपनियों को करोड़ों का नुकसान

विमानन उद्योग के विशेषज्ञों की मानें तो उड़ान इमरजेंसी में रद्द करने से एक हजार करोड़ से ऊपर का नुकसान हो चुका है और फ्लाइट आदि को सुरक्षित करने के ऑपरेशन, जिसमें जांच आदि शामिल हैं, में भी इससे दो गुना अधिक रकम खर्च हो चुकी है। हॉक्स थ्रेट जहां पर मिलती है, वहां पर स्पेशल जांच विंग के साथ ही डॉग स्क्वाड, फायर ब्रिगेड आदि का जो समय खराब होता है, वह देश के दूसरे अपराधों को रोकने या फिर उनकी जांच में खर्च हो सकता है। मगर जब एक साथ सैंकड़ों लोगों की जान की बात आती है, तो उसे प्राथमिकता से देखा जाता है।

हॉक्स थ्रेट का डार्क वेब से क्या है कनेक्शन?

यूं भारत ही नहीं दुनिया के कई अन्य देशों में भी हॉक्स थ्रेट की सूचनाएं प्रसारित होती हैं। अमेरिका, सिंगापुर जैसे देशों में भी इनका खौफ है। पुलिस या उसके जैसे दूसरे सुरक्षाबल जब कोई हॉक्स थ्रेट मिलती है, तो जांच करते हैं और पता चलता है कि यह किसी ऐसी फर्जी मेल से आया है जिसका उपयोग डराने के लिए ही किया गया है। इसे डार्क वेब का भी प्रोडक्ट कह सकते हैं। जहां तक देश की बड़ी सुरक्षा एजेंसियों की बात है, तो वह इसे अभी भी किसी बड़ी साजिश का हिस्सा ही मान रही हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट के जज के मामले में पता चला था कि किसी बेरोजगार ने ऐसा किया। बाद में उसे मानसिक रोगी बताया गया। एक व्यक्ति और 1100 हॉक्स थ्रेट का जनक, यह बात सुनने में भले ही मजाक वाली लगे पर कहीं न कहीं कोई मामला तो है। यह माना जा सकता है कि डराने या दुश्मनी निकालने के लिए ऐसा किया जा रहा है पर क्या जो ऐसा कर रहे हैं, वह यह नहीं जानते कि इसकी सजा 10 साल तक की कैद, पूरे जीवन के लिए हवाई जहाज या उस स्थान पर जाना प्रतिबंधित कर दिया जाता है? इसके अतिरिक्त सुरक्षाबलों के पूछताछ का तरीका ऐसी सजा होती है, जिससे आत्मा तक कांप जाती है, खासकर राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों से। इसके बाद भी हॉक्स थ्रेट थम नहीं रही हैं।

क्या अपराधियों ने हॉक्स थ्रेट को अपना हथियार बना लिया है? वह हॉक्स थ्रेट देकर कहीं यह तो नहीं देख रहे कि जरा ढील मिले और वह अपने काम को अंजाम दें? क्या इसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश या उनके जैसे किसी सहयोगी देश का हाथ है, जो भारत में हॉक्स थ्रेट के माध्यम से एक आतंक का माहौल कायम रख अपनी किसी बड़ी आतंकवादी घटना को अंजाम देने को तैयार हो रहे हैं?

लेख- मनोज वाष्र्णेय के द्वारा

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