निशानेबाज: फैशन व सरकार बदलते देर नहीं लगती, फ्रांस की मुसीबत जरा भी नहीं टलती

France Political Crisis: फ्रांस के गणतंत्र को जनाक्रोश की फांस चुभी हुई है जहां पर नए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकार्नू ने चुनौतियों का मुकाबला करने के बजाय अपने पद से इस्तीफा दिया है।
आज का निशानेबाज
आज का निशानेबाज (सौ.सोशल मीडिया)
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नवभारत डिजिटल डेस्क:  पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, फ्रांस के गणतंत्र को जनाक्रोश की फांस चुभी हुई है जो उसे लगातार गहरी टीस दिए जा रही है।वहां के नए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकार्नू ने चुनौतियों का मुकाबला करने के बजाय अपने पद से इस्तीफा दे दिया।अब तो फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की कुर्सी पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं.’ हमने कहा, ‘फ्रांस की राजधानी पेरिस है जिसे वहां के लोग ‘पारी’ कहते हैं।फ्रांस की जनता अपनी फ्रेंच भाषा पर बहुत गर्व करती है और अंग्रेजी को गंवारों की भाषा मानती है।फ्रेंच और मराठी दोनों में समानता यह है कि दोनों भाषाओं में 3 लिंग होते हैं- स्त्रीलिंग, पुरुष लिंग व उभय लिंग।फ्रेंच में कुत्ते को ली शां और बिल्ली को ली शीं कहा जाता है।अभिवादन के लिए बां ज्यू कहते हैं।’

पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, हम फ्रांस की राजनीतिक अस्थिरता की बात कर रहे हैं।वहां हमेशा से ऐसा होता आया है।जब वहां 16वें लुई का शासन था तब भयंकर अकाल पड़ा था।लोगों की भारी भीड़ महल के सामने जमा होकर शोर मचाने लगी।तब महारानी मेरी एंतोनेत ने अपने प्रधानमंत्री से पूछा कि यह लोग क्यों चिल्ला रहे हैं तो उसने कहा कि यह भूखे लोग ब्रेड या रोटी मांग रहे हैं और रोटी मिल नहीं रही है।इस पर रानी ने कहा, इन लोगों से कहो कि रोटी नहीं मिल रही है तो केक खाएं! फ्रांस में नेपालियन बोनापार्ट जैसा महान सेनापति और शासक हुआ था जिसे अपने हर सैनिक का नाम मुंहजबानी याद था।उसने यूरोप को जीत लिया था लेकिन वारटलू की अंतिम लड़ाई में उसकी हार हुई।फ्रांस में राजनीतिक स्थिरता सिर्फ जनरल द गाल के शासनकाल में आई थी।’

हमने कहा, ‘फ्रांस के एक पूर्व राष्ट्रपति सरकोजी थे।उन पर भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा चल रहा है।उन्हें भी पद से हटना पड़ा था।लोगों ने उनसे कहा, यहां से सरको जी, हटो जी, भागो जी, गद्दी खाली करो जी!’ पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, इंग्लैंड में बकिंघम पैलेस है तो फ्रांस में एलिसी पैलेस लेकिन ब्रिटेन के समान उस पैलेस में कोई राजा नहीं रहता।दोनों देशों के बीच इंग्लिश चैनल है।भारत के मिहिर सेन और आरती साहा ने इंग्लैंड के डोवर बंदरगाह से फ्रांस के कैले बंदरगाह तक लगातार तैरकर यह समुद्र पार किया था।फ्रांस का आइफिल टॉवर मशहूर है।पेरिस विश्व की फैशन कैपिटल है।वहां फैशन और सरकार बदलते जरा भी देर नहीं लगती.’

लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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