Navbharat Nishanebaaz: मत बजाओ शंका का ढोल, खुशी से अपनाओ इथेनॉल

E20 Petrol Impact: रायपुर उपभोक्ता अदालत ने इथेनॉल ईंधन से कार खराब होने पर नई कार देने का आदेश दिया है। जानिए 2026 आर्थिक सर्वे की चेतावनी, मक्का-चावल विवाद और इथेनॉल नीति पर तीखा व्यंग्य।
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(नवभारत डिजाइन फोटो)
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E20 Petrol Mileage Drop Complaints : पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, रायपुर में उपभोक्ता न्यायालय ने इथेनॉल मिश्रित ईंधन के इस्तेमाल से एक कार में बार-बार खराबी आ जाने पर उसके बदले दूसरी कार देने का कार निर्माता कंपनी को आदेश दिया। 2026 के आर्थिक सर्वे ने भी इथेनॉल को लेकर चेतावनी दी थी। ब्राजील ने भी अपने यहां इथेनॉल नीति लागू करने के पहले कई दशकों तक इसके इस्तेमाल को जांचा-परखा था। अभी भी इथेनॉल के पेट्रोल में मिलाने को लेकर स्पष्ट मानदंड तथा इससे होने वाली विदेशी मुद्रा की बचत को लेकर कोई सही जानकारी सामने नहीं आई है।'

हमने कहा, 'परिवर्तन को स्वीकार करने में ही समझदारी है। जैसा ईंधन मिले, इस्तेमाल कीजिए, गाड़ी तकलीफ देने लगे तो तुरंत बेचकर दूसरी गाड़ी खरीद लीजिए। हैसियतदार लोग हर 3 साल में अपनी गाड़ी अपग्रेड कर लेते हैं। वह जमाना गया जब पिता की पुरानी कार बेटा भी बड़ा होकर चलाया करता था।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, यदि पेट्रोल पर से केंद्र और राज्य सरकार टैक्स हटा दें तो 80 डॉलर प्रति बैरल कच्चे तेल का दाम होने पर पेट्रोल 40 रुपये प्रति लीटर की दर से मिल सकता है। इथेनॉल मिश्रित ईंधन से गाड़ियों का माइलेज घटने, पार्ट में जंग लगने व बेकार होने तथा कार्बोरेटर में कचरा चिपकने की शिकायतें आने लगी हैं।'

हमने कहा, 'लोगों के कहने पर मत जाओ। सरकार के कदमों पर भरोसा रखो। पहले इस्तेमाल - करो, फिर विश्वास करो! विदेश से क्रूड ऑयल मंगाने पर काफी विदेशी मुद्रा खर्च होती है इसलिए ई-20 ईंधन का इस्तेमाल करो - और टी-20 मैच देखो। रही बात टैक्स कम करने की तो सरकार अपनी कमाई क्यों छोड़ेगी?'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र में इथेनॉल-चावल स्कैम की जांच हो रही है। कहते हैं कि 1,160 करोड़ रुपये का चावल इथेनॉल बनाने के लिए इस्तेमाल होगा। मक्के से भी इथेनॉल बनाया जा रहा है जिससे मुर्गियों का दाना महंगा हो गया है। इससे पोल्ट्री का खर्च बढ़ गया है जो कि 60 प्रतिशत मक्का इस्तेमाल करता है। इथेनॉल बनाने के लिए 9 से 10 मिलियन टन मक्का डिस्टिलरी भेजा जा रहा है।

हमने कहा, 'आप इतनी चिंता करेंगे तो दिमाग पर तनाव आएगा। आपको हमारी सलाह है कि खुले दिल से इथेनॉल वाले ईंधन का इस्तेमाल कीजिए और 'साड्डे नाल रहोगे तो ऐश करोगे' गाना सुनते रहिए।'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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