Navabharat Nishanebaaz: ट्रंप करते व्यर्थ की बड़बड़ दिमाग कमजोर, हुए भुलक्कड़

Trump Mental Fitness: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ती उम्र, सार्वजनिक कार्यक्रमों में हुई कथित भूल-चूक और नेतृत्व क्षमता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
Navabharat Nishanebaaz: Trump spouts senseless drivel; his mind is weakening, and he has become forgetful.
(फोटो: नवभारत डिजाइन फोटो)
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Donald Trump Cognitive Debate: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का दिमाग बुरी तरह गड़बड़ा गया है। वह विश्व के अन्य नेताओं और देशों के नाम भूलने लगे हैं। यह अत्यंत विस्मयजनक और हास्यास्पद है। पता नहीं कैसे अमेरिकी नागरिक ऐसे भुलक्कड़ और एब्सेंट माइंडेड प्रेसिडेंट को झेल रहे हैं!'

हमने कहा, 'यह बात सही है कि दूसरी बार राष्ट्रपति बनने वाले ट्रंप अमेरिका के सबसे बुजुर्ग प्रेसिडेंट हैं। बढ़ती उम्र का असर होने से दिमाग का पुर्जा ढीला हो जाता है। ट्रंप ने उनसे पहले राष्ट्रपति रह चुके जो बाइडेन की आलोचना करते हुए कहा था कि वह मानसिक रूप से खोखले हो चुके हैं और शारीरिक तौर पर बुरी तरह थक चुके हैं। अब खुद ट्रंप का यह हाल है कि वह मीटिंग के दौरान कुर्सी पर बैठे-बैठे सो जाते हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में लिखित भाषण को छोड़कर बेतुकी या अनर्गल बातें करने लगते हैं।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, नाटो के शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने अपनी सनक में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को ब्लादिमीर पुतिन कह दिया। उन्होंने कहा कि हमारे पास विश्व का सबसे सुंदर विमानवाही पोत अन्नाहम लिंकन है। कुछ माह पहले हमने उससे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान पर 111 मिसाइल दागे थे। ट्रंप ने ईरान की बजाय जापान का नाम ले लिया, जिसका इस्लाम से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। ट्रंप बार-बार दावा करते हैं कि उनके पिता का जन्म जर्मनी में हुआ था जबकि सरकारी रिकार्ड के मुताबिक वह अमेरिका में ही पैदा हुए थे। भारत-पाक युद्ध रुकवाने का काल्पनिक श्रेय वह दर्जनों बार ले चुके हैं।'

हमने कहा, 'ट्रंप की आदत बकवास करने की है। उन्होंने एक अपमानजनक मीम शेयर करते हुए दिखाया कि इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी उनकी ओर आकर्षित हो रही हैं तथा मेलोनी को संयम रखने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए गिड़गिड़ा रही थीं इसलिए मुझे उन पर तरस आ गया।'

पड़ोसी ने कहा, 'अमेरिकावासियों को अभी इस सनकी राष्ट्रपति को 2028 तक झेलना है। तब चुनाव में नया प्रेसिडेंट चुना जाएगा और सिरफिरे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से छुटकारा मिलेगा।'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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