नवभारत नागपुर डेस्क: हाल ही में गणेशोत्सव खत्म हुआ है, ऐसे में अब सभी को नवरात्रि का इंतजार है। जी हां अब बस कुछ दिनों बाद आदिशक्ति मां दुर्गा देवी का पर्व यानी नवरात्रि आने वाली है। इस साल नवरात्रि रविवार 15 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है। यह 9 दिवसीय पर्व सोमवार 23 अक्टूबर 2023 तक रहेगा इसके बाद 24 अक्टूबर को दशहरा है, फिर इसके बाद आता है साल का सबसे बड़ा त्यौहार यानी दीपवाली।
आपको बता दें कि इस साल दिवाली का यह त्यौहार 14 नंवबर 2023 को है। लेकिन क्या आपको यह पता है की हर साल दिवाली का यह त्यौहार दशहरे के 21 दिन बाद ही क्यों आता है? जी नहीं न? तो चलिए आज हम आपको इसके पीछे की वजह बताते है।
दशहरे के 21 दिन बाद दिवाली का त्यौहार आने की एक बेहद रोचक वजह है, शायद इसके बारे में आप न जानते हों। इसके पीछे एक धार्मिक मान्यता है। दरअसल इस बारे में वाल्मिकी ने अपनी रामायण में इस बात का उल्लेख किया है। उन्होंने रामायण में लिखा है कि भगवान राम ने रावण के वध के बाद विभीषण को लंका सौंप दी थी और फिर मर्यादा पुरुषोत्तम राम अयोध्या लौट आए थे। दरअसल इस इस सफर को तय करने में श्री राम को पूरे 21 दिन लगे थे। राम के अयोद्धा वापस आने से अयोध्या वासी ख़ुशी से झूम पड़े थे। उस वक्त उन्हें अपनी ख़ुशी को जाहिर करने के लिए अयोध्या में दिए जलाए थे।
इसी वजह से हर साल दशहरे के 21 दिन बाद ही दिवाली का त्यौहार आता है, जिसे भारत के लोग बड़े ही धूमधाम से मनाते है। आपको बता दें कि इसके अलावा भी एक और वजह बताई जाती है जिसके चलते दशहरे के 21 दिन बाद ही दिवाली मनाई जाती है।
हाल ही में हमने आपको बताया कि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण के अनुसार, भगवान राम को अपनी पूरी सेना को श्रीलंका से अयोध्या तक पैदल चलकर आने में पुरे 21 दिन यानी 504 घंटे लगे। अगर आप 504 घंटे को हर दिन के 24 घंटे से भाग दें तो इसका उत्तर 21 आता है, इसलिए दशहरे के 21 दिन बाद ही दिवाली मनाने का सत्यता का प्रमाण रामायण ने भी दिया है।