Navabharat Nishanebaaz: डिजिटल अरेस्ट का बोलबाला, ठगों से न पड़ जाए पाला

Digital Arrest Scam: डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी से बचने के लिए अनजान कॉल, फर्जी धमकियों और लुभावने ऑफर से सतर्क रहें। ओटीपी, पिन और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें।
Navabharat Nishanebaaz: 'Digital Arrest' on the Rise Beware of Falling Prey to Scammers
डिजिटल अरेस्ट, साइबर ठगी,(सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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How Digital Arrest Works: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, हमें डर लग रहा है कि कहीं अरेस्ट न हो जाएं। ऐसा हुआ तो हमारे परिवार का क्या होगा? हमें कोई उपाय बताइए।' हमने कहा, 'जब आपने कोई गुनाह नहीं किया है तो घबराने की क्या जरूरत है? न तो आपने किसी मंदिर के दान-चंदे पर हाथ साफ किया है, न कोई बड़ा जमीन घोटाला किया है। आपको कोई अरेस्ट नहीं करेगा।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, हमारा मतलब यह है कि कहीं हम डिजिटल अरेस्ट के शिकार न हो जाएं, कितने ही पढ़े-लिखे लोग इस तरह की मुसीबत झेल रहे हैं।'

हमनेकहा, 'अनजान व्यक्तियों के फोन कॉल मत उठाइए। किसी फरेबी इंसान की बातों में न आइए। लुभावना ऑफर देने वाले से सतर्क रहिए। बेकार की धमकियों से डरने की जरूरत नहीं। अपना यूजर आई, पासवर्ड, पिन नंबर, ओटीपी, अकाउंट नंबर शेयर मत कीजिए, कोई जालसाजी करे तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचना दीजिए।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज,क्या और भी किसी प्रकार की अरेस्ट होती है जिसे लेकर सावधान रहना चाहिए? हमारे डॉक्टर मित्र ने बताया है कि हमेशा फास्टफूड खाने, तनाव में रहने, व्यायाम न करने, रात में देर तक जागते रहने से कार्डियक अरेस्ट हो सकता है।'

हमने कहा, ' आप अपनी दिनचर्या सुधारकर स्वस्थ रह सकते हैं। वैसे आजकल एस्ट्रोलॉजी अरेस्ट भी होता है जिसे तथाकथित तांत्रिक और ज्योतिष के नाम पर ठगी करने वाले धूर्त चलाते हैं। ऐसे लोग आपकी कमजोर मानसिकता पकड़ते हैं। आपको कालसर्प दोष, पितृ दोष व काला जादू का डर दिखाकर ठगते हैं। ऐसे फर्जी बाबा के पास जब कोई महिला जाती है और पति से झगड़ा, संतान न हो पाना, पति या प्रियजन की जानलेवा बीमारी का उल्लेख करती है, प्रेमी द्वारा धोखा देने की बात बताती है तो एस्ट्रोलॉजी अरेस्टर समझ जाता है कि यह आसान शिकार है। वह कालरात्रि पूजा, अघोर पूजा, सिर्फ महिला के साथ तांत्रिक अनुष्ठान, ग्रहों को वश में करने की सलाह देता है। ऐसे पाखंडियों से बचकर रहना चाहिए।'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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