Navabharat Nishanebaaz: धर्मेंद्र प्रधान का शानदार सत्कार, NDA सांसदों ने दिखाया दुलार

Dharmendra Pradhan Resignation: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पाग पहनाकर किए गए स्वागत पर व्यंग्य करते हुए प्रधान शब्द के अलग-अलग अर्थ व PM से जुड़े रोचक शब्दों के जरिए राजनीतिक कटाक्ष किया।
Navabharat Nishanebaaz: Dharmendra Pradhan receives a grand welcome; NDA MPs show their affection.
(सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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Dharmendra Pradhan BJP Welcome: पड़ोसी ने कहा, हमसे 'निशानेबाज, केंद्रीय शिक्षामंत्री पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान का संसद भवन के मकर द्वार पर बीजेपी नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। उन्होंने पूर्व मंत्री को बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में प्रचलित सम्मान का प्रतीक 'पाग' पहनाकर सम्मानित किया। इससे ऐसा लगा मानो वह कोई रण जीतकर लौटे महान योद्धा हैं।'

हमने कहा, 'प्रधान शब्द का अर्थ ही प्रमुख होता है। ग्राम प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक के पद हमारे देश में हैं। मोदी स्वयं को प्रधान सेवक कहते हैं। ग्रामीण लोग 'प्र' का उच्चारण नहीं कर सकते इसलिए वह परधानमंत्री कहते हैं। गुजरात में प्रधानमंत्री को 'मोटा प्रधान' कहते हैं। इस पद पर कोई दुबला-पतला व्यक्ति भी बैठ जाए तो उसे गुजरातवासी मोटा प्रधान ही कहेंगे।

56 इंच का सीना रखने वाले मोदी मोटा प्रधान कहलाने के लिए सर्वथा योग्य हैं। उन्होंने देशवासियों से मिलेट या मोटा अनाज खाने की अपील भी की थी। महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री को पंतप्रधान कहते हैं। यदि पीएम किसी तीर्थयात्रा या धार्मिक समारोह में साधु जैसा परिधान पहन लें तो उन्हें संत प्रधान भी कहा जा सकता है। चाहे पंत हों या संत, उनके भक्तों की देश में कोई कमी नहीं है।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, हम पूर्व शिक्षामंत्री धर्मेद्र प्रधान की बात कर रहे हैं। आप उनके इस नाम को लेकर हेमापति ही-मैन धर्मेंद्र या विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता आचार्य धर्मेंद्र को याद न करें। विषय केंद्रित बात करें।'

हमने कहा, 'धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत करना उनके घाव पर मरहम लगाने जैसा है। उन्हें एहसास कराया गया कि मंत्रीपद गया तो कोई बात नहीं, पूरी भाजपा उनके पीछे चट्टान की तरह खड़ी है। पेपर लीक को भूलकर मानो कि सब कुछ बिल्कुल ठीक है। उनके इस्तीफे को महान त्याग और बलिदान माना जाएगा जो उन्होंने स्वयं अपनी मर्जी से देशहित और सरकार हित में दिया है।

बीजेपी मानती है कि धर्मेंद्र प्रधान ने धर्म का काम या धर्माचरण किया। वह नहीं चाहते थे कि छात्रों के आंदोलन में कोई असामाजिक तत्व शामिल हो जाएं जिससे देश की शांति-व्यवस्था को खतरा उत्पन्न हो जाए, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देकर महान त्याग का परिचय दिया। उन्हें धर्मेंद्र की बजाय धर्मराज कहना चाहिए।' पड़ोसी ने कहा, 'इसे लेकर हिंदी में कहावत है- नाखुन कटाकर शहीद कहलाना !'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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