Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

निशानेबाज: ‘चाय पे चर्चा’ होती है सबसे भली, जिसमें होता चिंतन और चुगली

महाराष्ट्र में चुनावी महाभारत चल रहा है। सिंहासन के लिए महाविकास अघाड़ी और महायुति की भिड़ंत हो रही है। जिसको लेकर 'पड़ोसी' और 'निशानेबाज' के बीच चाय वाली चर्चा हुई है। आप भी इसका लुत्फ उठा सकते हैं।

  • By मृणाल पाठक
Updated On: Nov 15, 2024 | 01:27 PM

(डिजाइन फोटो)

Follow Us
Close
Follow Us:

नवभारत डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने ‘चाय पे चर्चा’ का शानदार सिलसिला शुरू किया था। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के माहौल में भी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को चाय पे चर्चा आयोजित कर जनमत साधने का प्रयत्न करना चाहिए। किसी भी चौराहे पर चाय की टपरी के किनारे तमाम चौबे, चौहान, चौरसिया जमा हो जाएं और चाय पे चर्चा शुरू कर दें।’’

पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, चाय चाहे लिप्टन की हो या ब्रुकबांड की, टाटा हो या पताका, सोसाइटी हो या गिरनार, बड़ी चाहत के साथ चुस्की लेकर पी जाती है। गर्म चाय की प्याली का आनंद ही कुछ अलग है। कुछ लोग चेयर पर तो कुछ चारपाई पर बैठकर चाय पीते हैं। हमारे देश में ऐसे भी पुरातनपंथी हुए हैं जो चीनी मिट्टी के कप में चाय न पीकर पीतल या स्टील के ग्लास में चाय पीते हैं। वैसे मिट्टी के कुल्हड़ की चाय में सोंधापन होता है। नफासत पसंद लोगों को टी बैग वाली चाय अच्छी लगती है। कुछ लोग ब्लैक टी या ग्रीन टी पीते हैं। ब्लैक टी में एंटीआक्सीडेंट रहते हैं जो बीमारियां दूर भगाते हैं। बगैर दूध और चीनी की चाय कड़वी लगती है लेकिन फायदेमंद है।’’

निशानेबाज के और लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

सम्बंधित ख़बरें

सोमनाथ मंदिर के जरिये इतिहास बनाम आस्था की बहस, पूर्व पीएम नेहरू के 17 पत्र पर छिड़ा विवाद- VIDEO

‘धुरंधर’ पर खाड़ी देशों के बैन को हटाने की अपील, IMPPA ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

ट्रंप के ‘बेतुका’ दावों पर क्यों खामोश है भारत? अपाचे हेलीकॉप्टर से टैरिफ तक, समझें इनसाइड स्टोरी

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर पीएम मोदी ने याद किया 1000 साल का संघर्ष; बोले- हमलावरों से नहीं डिगी आस्था

हमने कहा, ‘‘घर आए मेहमान को चाय नहीं पिलाओ तो वह चिढ़ जाता है। चाय पीने से उदास आदमी के चेहरे पर चमक आ जाती है। आमतौर पर विधानसभा सत्र के पूर्व सरकार विपक्ष को टी पार्टी देती है लेकिन विपक्ष उसका बहिष्कार करता है। वैसे चाय से रिश्ते जुड़ने में मदद मिलती है। आपने राजेश खन्ना और टीना मुनीम पर फिल्माया गीत सुना होगा- शायद मेरी शादी का खयाल दिल में आया है, इसीलिए मम्मी ने मेरी तुझे चाय पे बुलाया है।’’

पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, यदि आपको ‘हाई टी’ का निमंत्रण मिले तो समझ जाइए कि चाय के साथ भरपूर नाश्ते का भी इंतजाम है। चाय पीते समय चिंतन से चुगली तक सभी लोग करते हैं। कितने ही लोग बेड टी पीने के बाद ही टॉयलेट जाते हैं। जगह-जगह चाय की दूकानें देखकर लगता है कि इन दिनों चाय का चलन कुछ ज्यादा ही हो गया है। एयरपोर्ट की चाय 250 रुपए की और फुटपाथ की चाय 8 रुपए की होती है।’’

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा

Best chai pe charcha in which there is contemplation and gossiping maharashtra assembly elections

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Nov 15, 2024 | 01:27 PM

Topics:  

  • Maharashtra Assembly Elections
  • Narendra Modi

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.