महिलाएं गंगा स्नान से पहले इन विशेष नियमों को जान लें, किन महिलाओं को है मनाही
हिन्दू धर्म में गंगा को कलयुग का तीर्थ कहा गया हैं। धार्मिक मान्यता है कि गंगा में डुबकी लगाने से व्यक्ति के सारे पाप धुल जाते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं महिलाओं को गंगा जी में स्नान कब करना चाहिए।
- Written By: सीमा कुमारी
गंगा स्नान (सौ.सोशल मीडिया)
Ganga Snan: हिन्दू धर्म में गंगा को कलयुग का तीर्थ कहा गया हैं। धार्मिक मान्यता है कि गंगा में डुबकी लगाने से व्यक्ति के सारे पाप धुल जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि महिलाओं को गंगा जी में स्नान कब करना चाहिए। अगर नहीं जानते हैं, तो ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं महिलाओं को गंगा जी में स्नान कब करना चाहिए।
महिलाओं को गंगा जी में इन दिनों स्नान नहीं करना चाहिए :
मासिक धर्म के दौरान न करें गंगा स्नान
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जो महिलाएं पीरियड्स यानी मासिक धर्म के दिनों से गुजर रही हैं, उन्हें गंगा स्नान करने से बचना चाहिए। यह धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों कारणों से अनुचित एवं अशुभ माना जाता हैं।
बच्चे के जन्म के कुछ दिनों तक न करें गंगा स्नान
उन महिलाओं को गंगा जी में स्नान करने से मना करते हैं, जो कि हाल ही में बच्चे को जन्म दी हैं। धर्म गुरु का कहना है कि इस तरह की महिलाओं को कुछ दिनों के लिए गंगा जी में स्नान करने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
गर्भवती महिलाएं इस समय न भूलकर भी न करें गंगा स्नान
जो महिलाएं गर्भवती है। उन्हें गंगा जी में स्नान करने से बचना चाहिए, खासकर आखिरी के तीन महीनों में तो बिल्कुल भी नहीं नहाना चाहिए, बाकी बचे महीनों में गंगा स्नान कर सकती है।
भूल से भी न करें ये गलती
गंगा स्नान के दौरान भूल से भी साबुन, शैम्पू आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और न ही गंगा में किसी तरह की गंदगी डालनी चाहिए। ऐसा करने से गंगा माता आपसे नाराज हो सकती हैं।
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गंगा स्नान के दौरान आपको कम-से-कम 3, 5 या 7 बार डुबकी लगानी चाहिए। ऐसा करना काफी शुभ मना जाता है। इसी के साथ आप स्नान के समय इस मंत्र का जप भी कर सकते हैं।
जिससे आपको गंगा मैया की असीक कृपा प्राप्त हो सकती हैं।
मंत्र का जप
गंगा पापं शशी तापं दैन्यं कल्पतरुस्तथा। पापं तापं च दैन्यं च हन्ति सज्जनसङ्गमः।।
