होलिका दहन के दिन क्यों नहीं बनानी चाहिए रोटी, जानिए सदियों से चली आ रही मान्यता क्या है

आपको बता दें, होलिका दहन से जुड़ी कई मान्यताएं हैं। वो है होलिका दहन के दिन रोटी न बनाने की। आज हम जानेंगे कि आखिर क्यों होलिका दहन के दिन रोटी नहीं बनाई जाती है।
होलिका दहन के दिन क्यों नहीं बनानी चाहिए रोटी, जानिए सदियों से चली आ रही मान्यता क्या है
क्यों नहीं बनती है रोटी होलिका दहन के दिन (सौ.सोशल मीडिया)
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Holika Dahan 2025 : इस साल होलिका दहन 13 मार्च को किया जाएगा। हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन होलिका दहन किया जाता है। इस साल होलिका दहन के दिन भद्राकाल भी रहेगा।

ऐसे में होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा और समाप्त मध्यरात्रि 12 बजकर 48 मिनट पर होगा। बता दें कि होलिका दहन को छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल, इस दिन लोग होलिका दहन के बाद एक-दूसरे को रंग-गुलाल भी लगाते हैं।

होलिका दहन से जुड़ी कई मान्यताएं भी हैं जिनका पालन लोक समाज में आज भी किया जाता है ताकि घर परिवार में खुशहाली बनी रहे और ग्रहों का शुभ प्रभाव भी प्राप्त हो सके क्योंकि ये मान्यताएं ग्रहों के प्रभाव से भी जुड़ी होती हैं। ऐसी ही एक मान्यता है होलिका दहन के दिन रोटी न बनाने की। आज हम जानेंगे कि आखिर क्यों होलिका दहन के दिन रोटी नहीं बनाई जाती है।

क्यों नहीं बनती है रोटी होलिका दहन के दिन जानिए

लोगों को मानना है कि किसी भी पर्व पर घर में अन्न नहीं बनता है बल्कि पर्वों पर विशेष व्यंजन बनाये जाते हैं। ठीक ऐसे ही होलिका दहन वाले दिन और होली पर भी रोटी नहीं बनानी चाहिए क्योंकि इस दिन विशेष रूप से गुजिया, दही भल्ले और आदि अन्य व्यंजन बनाए जाते हैं।

वहीं, अगर बात ज्योतिष शास्त्र की करें, तो होलिका दहन के दिन चंद्रमा की स्थिति पूर्णिमा के दायरे के अंतर्गत होती है। साथ ही, होलिका दहन की सुबह सूर्य की दिशा और दशा भी कमजोर बनी रहती है। ऐसे में दोनों मुख्य ग्रहों को मजबूत बनाये रखने के लिए अन्न नहीं बनता है।

आपको बता दें, रोटी गेहूं से बनती है और गेहूं का नाता सूर्य से होता है। ऐसे में गेहूं से इस दिन कुछ भी बनाया जाए तो उससे सूर्य मजबूत ही होते हैं लेकिन चूंकि गेहूं राहु का भी प्रिय माना जाता है। इसलिए होलिका दहन या होली पर रोटी बनाने की मनाही है। इससे राहु का दुष्प्रभाव पड़ता है।

इसके अलावा, एक और कारण होलिका दहन पर रोटी न बनाने का यह है कि होलिका को अग्नि ने जलाया था और अग्नि पर सीधे तौर पर गेहूं आटे के रूप में स्पर्श होता है। ऐसे में अग्नि दोष लगता है और घर में अशुभता आती है। नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करने लगती है।

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