मकर संक्रांति पर सूर्य को जल क्यों चढ़ाया जाता है? जानिए इसकी पौराणिक कहानी और चमत्कारी फायदे
Surya Arghya Benefits:मकर संक्रांति पर सूर्य को जल अर्पित करने की परंपरा के पीछे पौराणिक कथा, धार्मिक महत्व और वैज्ञानिक फायदे छिपे हैं। जानिए क्यों यह दिन सूर्य पूजा के लिए विशेष माना जाता है।
- Written By: सीमा कुमारी
Uttarayan Significance
Uttarayan Significance: सूर्य देव को समर्पित मकर संक्रांति ऐसा पर्व है, जो हर साल जनवरी के महीने में आता है और अपने साथ नई शुरुआत, नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच लेकर आता है। इस दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग नामों से त्योहार मनाया जाता है, कहीं खिचड़ी बनती है तो कहीं तिल के लड्डू, कहीं पतंग उड़ती है तो कहीं स्नान-दान का खास महत्व होता है।
लेकिन इन सभी परंपराओं के बीच जो बात हर जगह समान रहती है, वह है सूर्य देव की पूजा और उन्हें जल अर्पित करना। लोक मान्यता के अनुसार, इस दिन सूर्य को जल अर्पित करने की परंपरा केवल आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि इसके पीछे पौराणिक कथा, धार्मिक मान्यता और वैज्ञानिक कारण भी छिपे हैं।
सूर्य को जल चढ़ाने की क्या है धार्मिक मान्यता
पुराणों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण की शुरुआत होती है। यही कारण है कि इस दिन को देवताओं का शुभ काल माना गया है।
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मान्यता है कि सूर्य देव इसी दिन अपने पुत्र शनि देव से मिलने जाते हैं। शनि न्याय और कर्म के देवता हैं, इसलिए यह पर्व अहंकार त्यागने, रिश्तों में सामंजस्य और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
सूर्य को जल अर्पित करना उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का प्रतीक है, क्योंकि सूर्य के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं।
मकर संक्रांति पर सूर्य को जल चढ़ाने का धार्मिक महत्व
- सूर्य को आत्मा, तेज, स्वास्थ्य और सफलता का कारक माना गया है।
- इस दिन सूर्य पूजा करने से पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति होती है।
- तांबे के लोटे से जल चढ़ाना विशेष फलदायी माना गया है, क्योंकि तांबा ऊर्जा को शुद्ध करता है।
सूर्य को जल चढ़ाने से होने वाले क्या है फायदे
मानसिक शांति और सकारात्मकता
सुबह-सुबह सूर्य को अर्घ्य देने से मन शांत होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
स्वास्थ्य लाभ
सूर्य की किरणों से विटामिन-D मिलता है, जो हड्डियों और इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी है।
नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
जल जब सूर्य की किरणों से होकर धरती पर गिरता है, तो यह नकारात्मक विचारों के त्याग का संकेत माना जाता है।
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सफलता और मान-सम्मान में वृद्धि
ज्योतिष के अनुसार सूर्य मजबूत हो तो व्यक्ति को समाज में सम्मान, नेतृत्व क्षमता और सफलता मिलती है।
जीवन से जुड़ा गहरा संदेश
मकर संक्रांति पर सूर्य को जल चढ़ाना हमें सिखाता है कि जैसे सूर्य प्रतिदिन बिना रुके प्रकाश देता है, वैसे ही हमें भी अपने जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए—पुरानी नकारात्मकताओं को छोड़कर नई ऊर्जा और नई सोच के साथ।
इसीलिए मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक और वैज्ञानिक अभ्यास है।
