

Ganesh Puja Mein Tulsi : हर साल की तरह इस बार भी गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाएगा। हिंदुओं के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक हैं। यह पर्व मुख्य रूप से महाराष्ट्र में बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया जाता हैं।
हिन्दू धर्म में भगवान गणेश की पूजा का बहुत महत्व है भगवान श्री गणेश को प्रसन्न करने के लिए भक्त भगवान गणेश को मोदक, फल, दूर्वा आदि अर्पित करते है लेकिन गणेश जी की पूजा में कभी भी तुलसी नहीं चढ़ाई जाती हैं। आखिर भगवान गणेश की पूजा में तुलसी क्यों नहीं चढ़ाई जाती हैं? जानिए क्या है असली मुख्य वजह?
भगवान गणेश की पूजा में तुलसी का उपयोग न करने की मुख्य वजह देवी तुलसी से जुड़ा है। कथा के अनुसार, एक बार भगवान गणेश गंगा तट पर गहरी तपस्या में लीन थे। उसी समय देवी तुलसी वहां से गुजरीं। जब उन्होंने बप्पा को तपस्या करते देखा, तो उनके रूप को देखकर मोहित हो गईं और उनके सामने विवाह करने की इच्छा प्रकट की।
धर्म शास्त्रों के अनुसार, उस समय गणेश जी ब्रह्मचर्य का पालन कर रहे थे, जिस वजह से उन्होंने शादी के इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। गणेश जी के इस निर्णय से देवी तुलसी बहुत निराश हुईं और क्रोध में आकर उन्होंने उन्हें श्राप दे दिया कि उनके दो विवाह होंगे।
बदले में भगवान श्री गणेश ने भी तुलसी को शाप दे दिया कि तुम्हारा विवाह एक असुर से होगा। एक राक्षस की पत्नी होने का शाप सुनकर तुलसी ने श्री गणेश से माफी मांगी।
कथा के अनुसार, भगवान श्री गणेश ने तुलसी से कहा कि तुम्हारा विवाह शंखचूर राक्षस से होगा। फिर तुम भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को प्रिय होने के साथ ही कलयुग में जगत के लिए जीवन और मोक्ष देने वाली होंगी, पर मेरी पूजा में तुलसी चढ़ाना शुभ नहीं माना जाएगा। तबसे ही भगवान गणेशजी की पूजा में तुलसी वर्जित मानी जाती है।