रमजान के महीने में क्यों होती है इफ्तारी? क्या है इफ्तारी का मतलब? जानिए इस पाक महीने की खास बातें

Ramadan Fasting And Iftar Rules: रमजान के महीने में रोज़ा रखने के बाद शाम को इफ्तार किया जाता है। इफ्तार का मतलब रोज़ा खोलना होता है, लेकिन इसका महत्व सिर्फ खाना खाने तक सीमित नहीं है।
Importance Of Iftar In Ramadan
इफ्तार का क्या है मतलब (सौ.सोशल मीडिया)
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Importance Of Iftar In Ramadan: मुस्लिम समुदाय का पाक महीना रमजान अभी चल रहा है। इस्लाम में रमज़ान का अलग महत्व है। इस्लामिक कैलेंडर का यह नौवां महीना मुसलमानों के लिए बहुत ही खास माना जाता है, इस पूरे महीने में लोग रोज़ा रखते हैं, इबादत करते हैं और दुआएं मांगते है। ऐसा माना जाता है कि इस महीने में की गई इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है।

रोज़ा का मतलब है पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करना। सुबह सूरज निकलने से पहले सहरी की जाती है। इसके बाद पूरे दिन कुछ भी खाया-पिया नहीं जाता। फिर शाम को सूरज ढलने के बाद इफ्तार करके रोज़ा खोला जाता है।

  • इफ्तार का क्या है मतलब

इफ्तार का मतलब रोज़ा खोलना होता है। इस समय रोज़ेदार अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं। मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना इफराहीम हुसैन के अनुसार, इफ्तार सिर्फ खाने-पीने का समय नहीं है, बल्कि अल्लाह का धन्यवाद करने और दुआ मांगने का भी समय होता है। हदीस में भी बताया गया है कि इफ्तार के समय की दुआ बहुत खास होती है। इसलिए इस समय लोग दिल से अल्लाह से दुआ करते हैं।

  • भाईचारे और एक-दूसरे की अहमियत

मौलाना इफराहीम हुसैन के अनुसार, रमजान का महीना हमें भाईचारे और एक-दूसरे की मदद करना सिखाता है। इस समय लोग मिलकर इफ्तार करते हैं और जरूरतमंद लोगों को भी खाना खिलाते हैं। कई जगहों पर मस्जिदों और सड़कों पर सामूहिक इफ्तार होता है, जहां अमीर और गरीब सभी साथ बैठकर रोज़ा खोलते हैं। इससे इंसानियत और बराबरी का संदेश मिलता है। वैज्ञानिक रूप से भी इफ्तार फायदेमंद माना जाता है। आमतौर पर लोग खजूर से रोज़ा खोलते हैं, क्योंकि यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। पूरे दिन के रोज़े के बाद हल्का और पौष्टिक खाना खाना सेहत के लिए अच्छा होता है।

  • समानता और आभार

मुस्लिम धर्म गुरु के अनुसार, रमजान में इफ्तार केवल खाने-पीने का समय नहीं होता, बल्कि यह एक खास पल होता है जब इंसान अल्लाह का शुक्र अदा करता है। पूरे दिन का रोज़ा रखने के बाद व्यक्ति अपने धैर्य और संयम की परीक्षा पूरी करता है।

इफ्तार हमें दूसरों की मदद करने, दया दिखाने और सबके साथ बराबरी का व्यवहार करने की सीख देता है। यह हमें आभार और इंसानियत का महत्व भी समझाता है।

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