क्यों रावण के पुतले के दहन के बाद घर में रखते हैं राख, जानिए इसके पीछे की मान्यता

दशहरा को विजयादशमी भी कहते हैं इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा की जाती हैं तो वहीं पर कई मान्यताएं इस दौरान प्रचलित है। रावण दहन देशभर में होता हैं लेकिन क्या आपको इससे जुड़ी कई मान्यताओं के बारे में पता है। इनमें से ही एक मान्यता यह भी है कि, रावण दहन के बाद उसकी राख को लाकर घर में रखते हैं।
दशहरा 2024, रावण दहन
रावण दहन में पुतले की राख का क्या करें (सौ.सोशल मीडिया)
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Dussehra 2024: आज देशभर में दशहरा का त्योहार मनाया जा रहा हैं इस दिन रावण दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का यह त्योहार मनाया जाता है। दशहरा को विजयादशमी भी कहते हैं इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा की जाती हैं तो वहीं पर कई मान्यताएं इस दौरान प्रचलित है। रावण दहन देशभर में होता हैं लेकिन क्या आपको इससे जुड़ी कई मान्यताओं के बारे में पता है। इनमें से ही एक मान्यता यह भी है कि, रावण दहन के बाद उसकी राख को लाकर घर में रखते हैं। आखिर ऐसा क्यों है चलिए जानते हैं इसके बारे में..

रावण दहन के बाद पुतले की राख का मतलब

इस मान्यता को लेकर हिंदू धर्म में बताया गया है कि, सोने की लंका का निर्माण धनपति कुबेर ने करवाया था, इसलिए लंका की राख को तिजोरी में रखने से तिजोरी में कुबेर का वास माना जाता है। कहते हैं कि, रावण दहन की राख ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और धन का आगमन होता है इस वजह से ही विजय दशमी के दिन रावण के पुतले के दहन किया जाता है उसकी राख को लाकर घर में रखते हैं। इसे लेकर कहते हैं कि,अस्थियों की प्रतीक राख को घर में रखने से धन-धान्य में वृद्धि होती है।

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इस राख को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है. इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश भी नहीं होता है और घर में धन स्थाई रूप से टिका रहता है। इसके अलावा रावण के पुतले की राख से यह प्रेरणा मिलती है कि हमें अपने अंदर की बुराइयों को दूर करना चाहिए और जीवन में अच्छे गुणों का विकास करना चाहिए।

दशहरा 2024 रावण दहन मुहूर्त

आज दशहरा के मेले में रावण का दहन शाम को 5:54 बजे के बाद से किया जा सकता हैइसे समय से ढाई घंटे तक रावण दहन का समय है. दशहरा पर प्रदोष काल में रावण दहन करने का विधान है. प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद से शुरू होता है।

दशहरा के मौके पर कई मान्यताओं में यह मान्यता बेहद खास मानी गई है जो इस प्रकार है।

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