चंद्रमा का लॉकेट पहनाने का महत्व जानिए,( सौ.सोशल मीडिया)
Chandrama Pendant benefits: भारतीय घरों में बड़े बुजुर्ग नवजात बच्चों को बुरी नजर और बीमारियों से बचाने के लिए कई तरह के जतन करते है। घर के बड़े बुजुर्गों का मानना होता है कि बच्चों को बहुत जल्दी नजर लगती है जिसकी वजह से उनके स्वास्थ्य पर असर देखने को मिलता है।
जब बच्चों को नजर लगती है, तो वे चिड़चिड़े हो जाते हैं, रोने लगते हैं। साथ ही, खाना-पीना तक छोड़ देते हैं। इन्हीं सब समस्याओं से बच्चों को बचाने के लिए उन्हें चांदी का अर्ध चंद्रमा पहनाया जाता है। लेकिन ये क्यों पहनाया जाता है, और इस अर्ध चांद के लॉकेट का महत्व और लाभ क्या है इस बारे में आइए जानते हैं-
चंद्रमा का लॉकेट पहनाने का महत्व
ज्योतिषयों का मानना है कि, चंद्रमा का लॉकेट बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए कई तरह से फायदेमंद है। चांदी का बना होना इसे और भी ज्यादा फायदेमंद बनाता है।
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ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, चांदी को चंद्रमा की धातु माना जाता है और चंद्रमा को आत्मा का तत्व, चांदी मन को शांत करती है और एक प्रतिक्रियाशील धातु है।
एक्सपर्ट का कहना है यह बच्चे के शरीर द्वारा छोड़ी गई ऊर्जा को वापस उसके शरीर में भेज देती है। ऐसा होने से बच्चा मानसिक रूप से स्वस्थ और खुश रहता है। यह चांदी के चंद्रमा का लॉकेट बच्चे को ऊर्जावान बनाए रखता है और उसके स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना जाता है।
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार बच्चे को पहनाए जाने वाले किसी भी प्रकार के लॉकेट को चांदी की धातु से ही बनाना चाहिए।
जब बच्चे सिल्वरमून की माला अपने गले में पहनते हैं, तो उसका सीधा असर उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। यह लॉकेट बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ता है। इसलिए ज्योतिष-शास्त्र भी इसकी अनुशंसा करता है। इस लॉकेट को 10 वर्ष तक की आयु के बच्चों को माला बनाकर गले में पहना सकते हैं।
जानिए चंद्रमा का लॉकेट पहनाने का लाभ
ज्योतिष-शास्त्र कहता है कि बच्चों के गले में चांदी के आधे चांद का लॉकेट उनकी सेहत पर पॉजिटिव असर डालता है। आधे चांद का लॉकेट बच्चों की एनर्जी को कंट्रोल में रखता है। इसके अलावा, बच्चों को चांदी के आधे चांद का लॉकेट पहनाने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी मजबूत होती है।